आजम के नीचे से खिसकी जमीन.. जानें कारण

जौहर यूनिवर्सिटी द्वारा जमीन खरीदी में नियमों की अनदेखी करने का मामला सामने आया है। जांच रिपोर्ट के अनुसार यूनिवर्सिटी को मात्र 12.5 एकड़ जमीन खरीदने की अनुमति थी, जबकि उसने करीब 70.05 हेक्टेयर जमीन खरीद ली।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान को एक और तगड़ा झटका लगा है। जौहर यूनिवर्सिटी के मामले में एडीएम कोर्ट ने उनके खिलाफ फैसला सुनाया है। कोर्ट ने जौहर ट्रस्ट की 70.05 हेक्टेयर जमीन उत्तर प्रदेश सरकार के नाम पर करने का आदेश जारी किया है। यह जमीन अभी तक आजम खान के जौहर ट्रस्ट के नाम पर थी।

नियमों की अनदेखी
जौहर यूनिवर्सिटी द्वारा जमीन खरीदी में नियमों की अनदेखी करने का मामला सामने आया है। जांच रिपोर्ट के अनुसार यूनिवर्सिटी को मात्र 12.5 एकड़ जमीन खरीदने की अनुमति थी, जबकि उसने करीब 70.05 हेक्टेयर जमीन खरीद ली। एडीएम ने ट्रस्ट द्वारा नियमों के उल्लंघन करने को लेकर अपना फैसला सुनाया है। सरकारी वकील अजय तिवारी ने इस बारे में बताया कि अब तहसील के अभिलेख में ये भूमि प्रदेश सरकार के नाम पर दर्ज की जाएगी।

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सपा सरकार के कार्यकाल में ली गई थी जमीन
बता दें कि आजम खान ने सपा सरकार के कार्यकाल में सैकड़ों बीघा जमीन जौहर ट्रस्ट के नाम पर ली थी। यह मामला एडीएम कोर्ट में चल रहा था। आरोप था कि इसमें कई नियमोें का उल्लंघन किया गया। इसके बाद प्रशासन की ओर से एडीएम सदर से जौहर ट्रस्ट को आवंटित जमीन की जांच कराई गई। इसमें पता चला कि इस पर स्टांप शुल्क में इस शर्त पर माफी दी गई थी कि जमीन पर चैरिटेबल कार्य होंगे।

मुख्य बातें

  • जांच रिपोर्ट के अनुसार जौहर ट्र्स्ट की इस जमीन पर जौहर विश्विद्यालय का काम चल रहा है। लेकिन पिछले 10 सााल में यहां चैरिटी का कोई कार्य नहीं किया गया।
  • एक सीमा के तहत जमीन आवंटित की जा सकती है, लेकिन इस मामले में नियम-कानूनोंं का उल्ल्ंघन किया गया।

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