पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद भारत (India) ने आतंकवाद (Terrorism) के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान (Pakistan) के साथ सिंधु जल समझौते (Indus Water Treaty) को रोक दिया है। बांग्लादेश (Bangladesh) में हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर मोदी सरकार यूनुस सरकार को स्पष्ट संदेश दे चुकी है। बांग्लादेश के साथ भी भारत की गंगा जल संधि है। इस संधि की मियाद अगले साल पूरी होने वाली है। लेकिन पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने बांग्लादेश को यह संदेश पहुंचा दिया है कि उसे अपनी जरूरत पूरा करने के लिए और पानी चाहिए।
बांग्लादेश में पिछले साल हुए तख्तापलट के बाद मोहम्मद यूनुस सरकार के कदमों ने भारत की चिंता बढ़ा रखी है। पहलगाम आतंकी हमला और पाकिस्तान के साथ यूनुस सरकार की बढ़ती सांठगांठ ने भारत को फिर से गंगा जल संधि के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया है।
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बांग्लादेश और लश्कर-ए-तैयबा के बीच संबंध
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के सलाहकार ने हाल ही में आतंकी संगठन लश्करे-तैयबा के ऑपरेटिव से मुलाकात की थी। बांग्लादेश की अंतिम सरकार के कानूनी सलाहकार डॉ. आसिफ नजरुल ने पहलगाम आतंकवादी हमले के एक दिन बाद ढाका में लश्कर-ए-तैयबा के सीनियर ऑपरेटिव इजहार से कथित तौर पर मुलाकात की थी।
क्या है गंगा जल बंटवारा संधि?
गंगा नदी भारत और बांग्लादेश के लिए जीवनदायिनी है। गंगा नदी पानी के बंटवारे का मुद्दा दोनों देशों के लिए संवेदनशील है। बांग्लादेश के अस्तित्व में आने के बाद 1972 में संयुक्त नदी आयोग का गठन किया गया और 1996 में गंगाजल बंटवारा संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे। जिसका उद्देश्य गंगा नदी के जल का बंटवारा करना था यह संधि 1975 में फरक्का बैराज के निर्माण के बाद उत्पन्न हुए विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच की गई थी। जिसका उद्देश्य कोलकाता बंदरगाह के लिए पानी का प्रवाह बनाए रखना था। ये संधि 30 सालों के लिए थी और 2026 में समाप्त हो रही है। जिसे आपसी सहमति से नवीनीकृत किया जा सकता है। फरक्का बैराज भारत में गंगा नदी पर बना है और पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश की सीमा से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित है।
अब बांग्लादेश में भी पानी रुकने की आशंका से घबराहट
सिंधु जल संधि रोकने के बाद से ही बांग्लादेश को इस बात का डर सताने लगा था कि सिंधु जल संधि के बाद भारत गंगाजल संधि पर पुनर्विचार करके बांग्लादेश का पानी रोक सकता है। यूनुस सरकार को यह एहसास हो चुका है कि देर सबेर उसके गुनाहों की सजा मिलनी है। गंगा नदी का असली नियंत्रण भारत के पास है। गंगा में ज्यादा पानी उपलब्ध होने से पश्चिम बंगाल और बिहार दोनों राज्यों को सिंचाई और पीने के लिए ज्यादा जल उपलब्ध हो सकेगा।
निशिकांत दुबे का ट्ववीट
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया के जरिए अपने बयान में कहा है कि ‘बांग्लादेश भी बड़ा छटपट कर रहा है, उसको भी गंगा नदी का पानी बंद करने का समय आ गया है। पानी पीकर जिएगा हमसे, गाएगा पाकिस्तान से। (Ganga Water Treaty)
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