Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में यह एक ऐतिहासिक क्षण है, जहां राजसत्ता और धर्मसत्ता एक मंच पर एक साथ बैठी हैं। अगर राजसत्ता को धर्म का समर्थन प्राप्त है, तो हमें विश्वास है कि हिंदू राष्ट्र अवश्य आएगा। कुछ लोग सोच रहे होंगे कि वे हिंदू राष्ट्र क्यों बनाना चाहते हैं, तो उन्हें पता होना चाहिए कि भारत मूलतः हिंदू राष्ट्र है, लेकिन यह अधिवेशन केवल संवैधानिक तरीकों से हमारी मांग को स्वीकार करने के लिए है। हिंदू राष्ट्र हमारा संवैधानिक अधिकार है। हिंदू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ राज्य के संयोजक सुनील घनवट ने यह प्रतिपादन किया।
उन्होंने कहा,”भारत अनेक विकट समस्याओं का सामना कर रहा है और लाखों हिंदू धर्मांतरण कर रहे हैं, जेएनयू में भारत विरोधी नारे, राष्ट्रवादियों का अपमान और आतंकवादियों की धृष्टता ने शहरी नक्सली षड्यंत्रो को उजागर कर दिया है। इसके लिए हिंदुओं को जाति, पंथ और धर्म के भेद भुलाकर, समय-समय पर हिंदू के रूप में अपना तन, मन, धन और सब कुछ त्याग कर हिंदू राष्ट्र की स्थापना करनी होगी।”
हिंदू जनजागृति समिति एवं पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ (रायपुर) द्वारा संयुक्त रूप से रविवार, 27 जुलाई को रायपुर, छत्तीसगढ़ में राज्य स्तरीय हिंदू राष्ट्र सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में छत्तीसगढ़ राज्य के सैकड़ों से अधिक हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि, संत, धार्मिक नागरिक, वकील, व्यापारी और राजनीतिक नेता उपस्थित थे। इस अवसर पर हिन्दू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ प्रांत के संयोजक सुनील घनवट बोल रहे थे।
इस सम्मेलन में छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, पं. युधिष्ठिरलाल महाराज, महामंडलेश्वर सर्वेश्वर दास महाराज, पं. वेदप्रकाशाचार्य महाराज, पारेश्वर धाम के संस्थापक पू. बालकदास महाराज, सनातन संस्था के अशोक पात्रीकर, धर्मसिंधु फाउंडेशन (ओम प्रतिष्ठान) के संस्थापक अध्यक्ष और स्वातंत्र्यवीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक के कार्याध्य रणजीत सावरकर, भाजपा छत्तीसगढ़ प्रदेश सचिव प्रबल प्रताप सिंह जुदेव, पूर्व पुलिस महानिरीक्षक सुशील द्विवेदी और अन्य उपस्थित थे।
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