Census 2027: नए भारत की नई गिनती, देश के 23 राज्यों में पहले फेज का काम पूरा, डेटाबेस तैयार

जनगणना-2027 के तहत मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना (एचएलओ) का पहला चरण अब तक 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पूरा हो चुका है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में जनगणना का कार्य चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है।

30
जनगणना 2027 के लिए डेटा संग्रह करते हुए व्यक्ति
जनगणना 2027 के तहत डेटा संग्रह का कार्य जारी है।

Census 2027: जनगणना-2027 के तहत मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना (एचएलओ) का पहला चरण अब तक 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पूरा हो चुका है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में जनगणना का कार्य चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है।(Census 2027)

मंत्रालय के अनुसार अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव, दिल्ली, गोवा, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना और उत्तराखंड में जनगणना-2027 का प्रथम चरण पूरा हो चुका है।(Census 2027)

महाराष्ट्र, मेघालय, राजस्थान, झारखंड और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में 16 मई से 14 जून तक संचालित मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है, जबकि पंजाब में यह प्रक्रिया 13 जून को पूरी हुई।(Census 2027)

इस बीच गुजरात, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पुडुचेरी और उत्तर प्रदेश में घर-घर जाकर मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना का कार्य जारी है। हिमाचल प्रदेश में मंगलवार से फील्ड ऑपरेशन शुरू हो गए हैं, जो 15 जुलाई तक चलेंगे।

केरल और नगालैंड में स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) सुविधा शुरू कर दी गई है, जो 30 जून तक उपलब्ध रहेगी। इसके बाद इन दोनों राज्यों में एक जुलाई से 30 जुलाई तक घर-घर जाकर गणना का कार्य किया जाएगा।(Census 2027)

गृह मंत्रालय ने बताया कि जनगणना-2027 पहली बार डिजिटल माध्यम से कराई जा रही है। इसके लिए विशेष मोबाइल एप्लीकेशन का उपयोग किया जा रहा है, जबकि पारंपरिक घर-घर जाकर गणना की व्यवस्था भी बरकरार रखी गई है। मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना के दौरान आवासीय स्थिति, परिवारों के विवरण, उपलब्ध सुविधाओं और परिसंपत्तियों से जुड़ी जानकारी 33 प्रश्नों वाली अधिसूचित प्रश्नावली के माध्यम से एकत्र की जा रही है।(Census 2027)

ये भी पढ़ेंः 42nd Meeting of NCRPB: दिल्ली-NCR में बसेंगे चार नए शानदार ग्रीनफील्ड शहर, दिल्ली के पास आकार लेगी ‘नमो सिटी’

मंत्रालय ने नागरिकों से जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी और गणनाकर्मियों को पूरा सहयोग देने की अपील की है। साथ ही कहा है कि जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत एकत्र की गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाती हैं और उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय तथा विकासात्मक उद्देश्यों के लिए किया जाता है।(Census 2027)

Join Our WhatsApp Community
Get The Latest News!
Don’t miss our top stories and need-to-know news everyday in your inbox.