Nainital: उत्तराखंड के नैनीताल में कुलदेवी शक्तिस्वरूपा मां नंदा का 124वां महोत्सव सरोवरनगरी नैनीताल में बुधवार को पूरे धार्मिक उत्साहपूर्वक तथा परंपरागत तरीके से पूजा-अर्चना एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ शुरू हो गया। नैनीताल-ऊधमसिंह नगर संसदीय क्षेत्र के सांसद अजय भट्ट ने क्षेत्रीय विधायक सरिता आर्य, दायित्वधारी शांति मेहरा व दिनेश आर्य आदि के साथ आयोजक संस्था श्रीराम सेवक सभा के उपाध्यक्ष मनोज साह, महासचिव जगदीश बवाड़ी, पूर्व पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी आदि के साथ दीप प्रज्वलित कर 124वें नंदा महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया।(Nainital)
इस अवसर पर श्री भट्ट ने कहा कि पर्यटन नगरी नैनीताल नगर में नंदा देवी महोत्सव के दौरान अलग ही सांस्कृतिक पक्ष उभरता है। नैनीताल को इस दौरान न देखा तो कुछ भी न देखा। नैनीताल प्रदेश भर में नंदा देवी महोत्सवों का प्रणेता है। उन्होंने समस्त क्षेत्रवासियों को नंदा देवी महोत्सव की बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।
इस दौरान परंपरागत तरीके से मूर्ति निर्माण हेतु प्रयुक्त होने वाले कदली वृक्षों के बदले रोपे जाने वाले 21 पौधों की पूजा अर्चना की गई तथा कदली वृक्ष लाने वाले दल को परंपरागत लाल एवं सफेद ध्वजों (निसानों) को पवित्र कदली वृक्ष लाने वाले दल को प्रदान किया गया। इस अवसर पर छोलिया नर्तकों की झांकियों के साथ श्रीराम सेवक सभा की बालिकाओं के समूह ने रंगकर्मी मिथिलेश पांडे के नेतृत्व में गणेश वंदना एवं नंदा स्तुति प्रस्तुत की।
इस अवसर पर कुमाऊं परिक्षेत्र की आईजी निवेदिता कुकरेती, मेलाधिकारी-एसडीएम नवाजिश खलीक, पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र पाल, सभा के देवेंद्र लाल साह, विमल चौधरी, भीम सिंह कार्की, भुवन बिष्ट, भाजपा नेता हेम आर्य, डीएसए के महासचिव मनोज जोशी, कांग्रेस नेत्री मुन्नी तिवारी, सभासद लता दफौटी सहित बड़ी संख्या में सभा के सदस्य व नगरवासी श्रद्धालु इन गौरवमयी पलों के गवाह बने। संचालन डॉ. ललित तिवारी ने किया। इधर डीएसए मैदान में नंदा देवी महोत्सव के लिये मेला भी सज गया है। मेले में बड़े झूलों के साथ मौत का कुंआ भी इस बार आकर्षण का केंद्र रहने वाला है।
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पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी
1903 से नगर के संस्थापक मोती राम साह एवं उनके परिवार द्वारा एवं 1926 से श्रीराम सेवक सभा द्वारा लगातार आयोजित किये जा रहे नंदा महोत्सव में 1998 से पर्यावरण सेवी यशपाल रावत के सुझाव पर शामिल किया गया पौधारोपण कार्य इस वर्ष भी जारी रखा गया। पवित्र कदली वृक्षों के बदले मंगोली में माता नंदा-सुनंदा की मूर्तियों के निर्माण के लिये लाये जा रहे कदली दलों के बदले विभिन्न प्रजातियों के 21 पौधे रोपे जाएंगे, इन पौधों की आज विशेष पूजा-अर्चना हुई।

