Swatantryaveer Savarkar: उत्तर प्रदेश के उन्नाव से सांसद और आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. सच्चिदानंद हरि साक्षी महाराज ने महाराष्ट्र के नाशिक में भगूर स्थित स्वातंत्र्यवीर सावरकर के जन्मस्थान ‘सावरकर वाड़ा’ का सद्भाना भेंट दी। इस अवसर पर उनके साथ अखिल भारतीय संत समिति के महाराष्ट्र प्रदेश प्रमुख महंत डॉ. अनिकेत शास्त्री महाराज भी उपस्थित थे।(Swatantryaveer Savarkar)

भावुक हुए साक्षी महाराज
वीर सावरकर की जन्मस्थली पर मत्था टेकने के बाद सांसद साक्षी महाराज काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “आज इस पावन भूमि पर आकर मैं धन्य हो गया। यहां की मिट्टी सिर्फ मिट्टी नहीं, बल्कि त्याग और अदम्य साहस की तपोभूमि है। सावरकर जी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का शाश्वत स्रोत है। यहां आने से पहले ही मन में उनके विचार चल रहे थे और यहां पहुंचकर मेरा हृदय भावविभोर हो गया है।”(Swatantryaveer Savarkar)

उन्होंने आगे कहा कि सावरकर एक ऐसे पुण्यात्मा थे जिन्होंने अपना सर्वस्व मातृभूमि के चरणों में अर्पित कर दिया। वे जेल की बेड़ियों में रहकर भी वैचारिक रूप से स्वतंत्र थे।(Swatantryaveer Savarkar)

सावरकर को ‘भारत रत्न’ मिलने की आस
इस दौरे के दौरान भगूर के नागरिकों ने सांसद साक्षी महाराज से वीर सावरकर को ‘भारत रत्न’ देने की पुरजोर मांग की। जनता को संबोधित करते हुए महाराज ने एक बड़ा आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, “आपकी प्रतीक्षा अब समाप्त होने वाली है। सही समय आ गया है और जल्द ही आपको खुशखबरी मिलेगी। मैं स्वयं वीर सावरकर को ‘भारत रत्न’ दिलाने के लिए पूरी तरह प्रयासरत हूं।”(Swatantryaveer Savarkar)

परंपरागत स्वागत और सत्कार
सावरकर सदन के प्रबंधक भूषण कापसे ने सांसद साक्षी महाराज और महंत अनिकेत शास्त्री का शाल व वीर सावरकर की प्रतिमा भेंट कर सम्मान किया। आकाश नेहरे ने गणमान्य अतिथियों को सावरकर वाड़े के इतिहास और उससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।(Swatantryaveer Savarkar)

इस अवसर पर भगूर के उप-नगराध्यक्ष प्रसाद आडके, सुभाष पुजारी, विजय घोडेकर, संदीप शेटे और शेखर जोशी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।(Swatantryaveer Savarkar)
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