Uttar Pradesh: 25 एकड़ जमीन अतिक्रमण मुक्त, मस्जिद समेत 1800 अवैध निर्माण ध्वस्त…

कुकरैल नदी की जमीन के एक बड़े हिस्से पर अतिक्रमण कर उस पर अवैध निर्माण कर लिए गए थे। अब तक 1169 मकान और 101 व्यावसायिक निर्माणों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा चुकी है।

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Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) के अकबर नगर (Akbar Nagar) में अवैध रूप से बनी मस्जिद, मदरसा और मंदिर के खिलाफ मंगलवार (18 जून, 2024) देर रात ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। रात 12.30 से 3.30 बजे तक कार्रवाई के लिए 8 बुलडोजर लगाए गए। आपको बता दें कि यह सब कोर्ट के आदेश के बाद किया जा रहा है, क्योंकि यहां रिवर फ्रंट का निर्माण होना है। लखनऊ में कई जगहों पर पोस्टर लगाकर इसकी जानकारी दी गई, साथ ही वहां यातायात भी रोक दिया गया।

कुकरैल नदी की जमीन के एक बड़े हिस्से पर अतिक्रमण कर उस पर अवैध निर्माण कर लिए गए थे। अब तक 1169 मकान और 101 व्यावसायिक निर्माणों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा चुकी है। ध्वस्तीकरण का काम पूरा हो चुका है, अब सिर्फ मलबा हटाने का काम बाकी है। 24.5 एकड़ में बने 1800 से ज्यादा अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जा चुका है। दिसंबर 2023 से अतिक्रमण हटाने का काम चल रहा है।

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लखनऊ चिड़ियाघर का स्थानांतरन
अब यह इलाका पर्यटन का हब बनेगा। इस जगह पर लखनऊ चिड़ियाघर को स्थानांतरित करने की योजना है। कुकरैल नदी को पुनर्जीवित करने के लिए हाईकोर्ट के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई। कोर्ट ने भी कार्रवाई की अनुमति दे दी। इस दौरान बादशाह नगर से अकबरनगर जाने वाला रास्ता बंद कर दिया गया, पीएसी मुख्यालय से शुरू होने वाले फ्लाईओवर पर भी पुलिस तैनात रही, अकबरनगर से पॉलीटेक्निक कॉलेज जाने वाले रास्ते पर भी सुरक्षा कड़ी रही, कुल 7 जगहों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर इलाके की सुरक्षा की।

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रिवर फ्रंट का होगा निर्माण
ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही थी, मामला संवेदनशील होने के कारण मीडिया को भी तस्वीरें लेने की इजाजत नहीं थी। कुकरैल नदी का सुंदरीकरण और रिवर फ्रंट का निर्माण सीएम योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है। योगी सरकार ने अकबरनगर के विस्थापितों को 10 किलोमीटर दूर बसंत कुंज में मकान दिए हैं। जलस्तर बनाए रखने के लिए इसमें शारदा नहर का पानी भी छोड़ा जाएगा। नदी की 6 किलोमीटर लंबाई में झील भी विकसित की जाएगी। बारिश के पानी को इकट्ठा करके कुकरैल नदी में भरने की भी योजना है।

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योगी सरकार की बड़ी उपलब्धि
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। आपको याद होगा कि जब जहांगीरपुरी में अवैध निर्माण के खिलाफ बुलडोजर की कार्रवाई हो रही थी, तो वामपंथियों ने चंद मिनटों में ही उसे रुकवा दिया था। माकपा नेता वृंदा करात सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी लेकर जहांगीरपुरी पहुंचीं और तुरंत स्पेशल कमिश्नर दीपेंद्र पाठक को दिखाया। तब जाकर कार्रवाई रोकनी पड़ी। 20 अप्रैल 2022 को सुबह 10 बजे बुलडोजर पहुंचा, 11 बजे सुप्रीम कोर्ट ने स्टे ऑर्डर दे दिया।

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हल्द्वानी का उदाहरण
इसी तरह हल्द्वानी का उदाहरण हमारे सामने है, जहां रेलवे की जमीन पर पूरी कॉलोनी बसा दी गई। हल्द्वानी में ‘मलिक का बाग’ से अतिक्रमण हटाते समय दंगे भड़क उठे। कांग्रेस नेता और अधिवक्ता सलमान खुर्शीद अतिक्रमणकारियों की ओर से पैरवी करने कोर्ट गए। 8 फरवरी 2024 को बनभूलपुरा में हिंसा भड़क उठी। पुलिस-प्रशासन पर भारी पथराव हुआ, आगजनी हुई और कार्रवाई रोकनी पड़ी।

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पृथ्वीराज चौहान का किला
इसी तरह दिल्ली में भी पुलिस की मौजूदगी में पृथ्वीराज चौहान के किले के परिसर में समाधि बनाई गई। आरोप है कि दिल्ली में राय पिथौरा किले के पास भी पुलिस की सुरक्षा में समाधि बनाई गई। इसका वीडियो भी सामने आया। कुछ पत्थरों पर हरा रंग किया गया, इस पर वक्फ बोर्ड भी नजर रख रहा था। महरौली के संजय वन के बीचोबीच इस तरह की हरकत से स्थानीय लोग भी भड़क गए और पूछने लगे कि उन्हें वहां क्यों नहीं जाने दिया जा रहा?

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अवैध धर्मस्थलों पर नजर
ऐसे समय में जब कई राज्यों में पुलिस खुद ऐसे अवैध धर्मस्थलों पर नजर रखती है और सुनिश्चित करती है कि वहां नमाज अदा की जाए, उत्तर प्रदेश की राजधानी में ईको टूरिज्म हब विकसित करने के लिए पूरी अवैध बस्ती को ध्वस्त करना और सरकारी जमीन खाली कराकर विस्थापित लोगों को दूसरी जगह बसाना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है। बिना किसी शोर-शराबे के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए योगी सरकार बधाई की पात्र है।

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