ट्विटर की कार्रवाई: संघ प्रमुख के अकाउंट से ब्लू टिक हटाया

ट्विटर ने भारत के प्रतिष्ठित और वैधानिक पदों पर बैठे लोगों के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक हटाना शुरू किया है।

ट्विटर ने अब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के अकाउंट को अनवेरिफाइड श्रेणी में डाल दिया। जिसके कारण उनके अकाउंट से ब्लू टिक हटा दिया गया है। ट्विटर पर मोहन भागवत के दो लाख फॉलोवर्स हैं। लेकिन इसके बावजूद ब्लू टिक को हटाया गया है।

केंद्र सरकार और ट्विटर के बीच कानूनों के पालन को लेकर चल रहे विवाद के बाद ट्विटर इंडिया ने कार्रवाई शुरू की है। इसमें दो दिन पहले उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक हटा दिया गया था, हालांकि बाद में उसे फिर लागू कर दिया गया। ब्लू टिक हटने के बाद अब संघ प्रमुख का अकाउंट वेरिफाइड श्रेणी से हट गया है।

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ब्लू टिक का अर्थ
यह प्रदर्शित करता है कि अकाउंट है वेरिफाईड
अकाउंट नही है फर्जी
अकाउंटकर्ता के नंबर ओर ईमेल एड्रेस से वेरिफाई
ट्विटर अकाउंट होल्डर की विश्वनीयता करता है सुनिश्चित

नया सूचना तकनीकी नियम मानने को तैयारी नही
ट्विटर के विरुद्ध भारत की कार्रवाई का कारण है नया सूचना तकनीकी कानून (आईटी रूल्स) जो 25 मई से अस्तित्व में आया है। इस कानून के अंतर्गत दिशा निर्देशों का ट्विटर पूरी तरह से पालन नहीं कर रहा है, इसके लिए भारत सरकार की ओर से उसे चेतावनी भी दी गई है।

इसलिए नाइजीरिया में ट्विटर बंद
नाइजीरिया विश्व का पहला देश है जिसने अपने यहां ट्विटर को प्रतिबंधित कर दिया है। ट्विटर ने वहां के राष्ट्रपति मुहम्मदू बुहारी के अकाउंट को निलंबित कर दिया था। जिसके बाद नाइजीरिया के सूचना प्रसारण मंत्री लाइ मोहम्मद ने इसकी निंदा की और देश के अस्तित्व को कम आंकने की कोशिश कहा। इसके कुछ दिन बाद ही ट्विटर के विरुद्ध कड़ा निर्णय लिया गया।

ट्विटर ने नाइजीरिया के राष्ट्रपति के उस पोस्ट को हटाया था जिसमें राष्ट्रपति ने देश के दक्षिणपूर्वी क्षेत्र में सक्रिय अलगाववादियों को कड़ी चेतावनी दी थी।

 

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