बीएसए ने ऐसे शिक्षकों का वेतन रोका, मांगा स्पष्टीकरण

बेसिक शिक्षा परिषद विद्यार्थियों की कक्षाओं में उपस्थिति बढ़ाने पर जोर दे रहा है, जिससे उन्हें निपुण बनाने का लक्ष्य पूरा हो सके।

88

प्रयागराज के बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों, समन्वयक, एसआरजी व कार्यालय लिपिकों की 9 अक्टूबर को बैठक की। इस दौरान 60 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले विद्यालयों पर फोकस करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने अब तक जिन स्कूलों में कम उपस्थिति पाई गई है, वहां के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। इस कार्रवाई की जद में करीब 400 शिक्षक और कर्मचारी आ रहे हैं।

बैठक में बीएसए ने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद विद्यार्थियों की कक्षाओं में उपस्थिति बढ़ाने पर जोर दे रहा है, जिससे उन्हें निपुण बनाने का लक्ष्य पूरा हो सके। बड़ी संख्या में ऐसे स्कूल हैं, जहां 50 प्रतिशत छात्र अनुपस्थित रहते हैं।

लक्ष्य ऐप से आकलन करने के दिशा निर्देश
उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में 80 प्रतिशत तक छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाई जाए। अक्टूबर में कक्षा एक से तीन तक के सभी छात्रों का निपुण लक्ष्य ऐप से आकलन करने के दिशा निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि संदर्शिका आधारित साप्ताहिक शिक्षण कार्य करना भी अनिवार्य कर दिया गया है।

रणनीति की समीक्षा
बीएसए ने बताया कि दिसम्बर तक चयनित शिक्षक संकुल विद्यालय, एआरपी की ओर से गोद लिए गए स्कूलों के विद्यार्थियों को निपुण बनाने के लिए बनाई गई रणनीति की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि प्री प्राइमरी शिक्षा के तहत एडब्ल्यूसी में आउट डोर प्ले मैटेरियल, माता उन्मुखीकरण कार्यक्रम व स्कूल रेडिनेस चहक कार्यक्रम की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए। बीएसए ने बताया कि एक से छह अक्टूबर तक के आंकड़े के अनुसार 1184 स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति का प्रतिशत 50 से कम है। सितम्बर माह के आंकड़े के अनुसार जिले भर में कुल 470 स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति 50 प्रतिशत से कम रही। बैठक में सभी बीईओ सहित अन्य लोग शामिल रहे।

Join Our WhatsApp Community
Get The Latest News!
Don’t miss our top stories and need-to-know news everyday in your inbox.