फार्मा क्षेत्र में एक सेतु की भूमिका अदा कर रहा NIPER: अमित शाह

गांधीनगर की भूमि विद्या अध्ययन के वायुमंडल वाली भूमि है। गांधीनगर के आसपास राष्ट्रीय स्तर की अनेक यूनिवर्सिटियां कार्यरत हैं। एनआईपीईआर के यहां कार्यरत होने से इस वायुमंडल को एक नई ऊर्जा मिलेगी।

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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने गांधीनगर के निकट पालज गांव में ‘राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPER)-अहमदाबाद’ के स्थायी परिसर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर अमित शाह ने कहा कि एनआईपीईआर ज्ञान, शिक्षा, अनुसंधान और व्यापार को जोड़ने के लिए एक सेतु की भूमिका निभा रहा है। एनआईपीईआर के माध्यम से फार्मा क्षेत्र (pharma sector) के विकास की ईंट रखी गई है। शाह ने अपने संसदीय क्षेत्र में एनआईपीईआर के स्थायी परिसर के निर्माण पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह भवन गांधीनगर में 60 एकड़ भूमि में कार्यरत हुआ है, जिसमें सात एकड़ क्षेत्र में विभिन्न आठ भवनों का निर्माण किया गया है।

विश्व में औषधि के क्षेत्र में बड़ा योगदान देगा एनआईपीईआर सेंटर
केंद्रीय गृह मंत्री ने यह विश्वास जताया कि गांधीनगर (Gandhinagar) में कार्यरत एनआईपीईआर सेंटर आगामी दिनों में देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में औषधि के क्षेत्र में अपना बड़ा योगदान देगा। इस सेंटर में रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान जैसे अनेक विषयों के भवनों का निर्माण होगा। अभी संस्थान में लगभग 500 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। पिछले तीन वर्षों से गांधीनगर एनआईपीईआर देश के शीर्ष 10 संस्थानों में शामिल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अत्याधुनिक भवन की सुविधा मिलने के बाद एनआईपीईआर-गांधीनगर देश का शीर्ष संस्थान बनेगा।

एनआईपीईआर से गांधीनगर को मिलेगी नयी ऊर्जा
उन्होंने कहा कि गांधीनगर की भूमि विद्या अध्ययन के वायुमंडल वाली भूमि है। गांधीनगर के आसपास राष्ट्रीय स्तर की अनेक यूनिवर्सिटियां कार्यरत हैं। एनआईपीईआर के यहां कार्यरत होने से इस वायुमंडल को एक नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस संस्थान का लक्ष्य औषधि क्षेत्र में शिक्षा ही नहीं बल्कि अनुसंधान के क्षेत्र में भी दुनिया का अग्रणी बनना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि फार्मेसी एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें शिक्षा न केवल व्यक्ति के लिए फायदेमंद है बल्कि मानव जीवन को स्वस्थ और सुंदर बनाने के लिए भी उपयोगी साबित होती है। इसलिए ही यहां जो विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं उनका करियर तो जीवन में अच्छे अवसरों की प्राप्ति के साथ बेहतर होगा ही, साथ ही वे अपने अध्ययन से करोड़ों नागरिकों के लिए प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से उपयोगी भी साबित होंगे।

भारत एपीआई और केएसएम के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा
शाह ने कहा कि भारत में मोहाली और गुवाहाटी में एनआईपीईआर पूर्ण रूप से अपने भवन में कार्यरत है और आज से गांधीनगर में तीसरा भवन भी शुरू हो गया है। कोलकाता, हाजीपुर, हैदराबाद और रायपुर में एनआईपीईआर के भवन निर्माण का कार्य प्रगति पर है। अगले दस वर्षों में भारत एपीआई और केएसएम के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने कहा कि NIPER द्वारा अनुसंधान क्षेत्र का पोर्टल शुरू किया गया है, जो रिसर्च करने वाले लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा।

वरदान बनीं प्रधानमंत्री जन औषधि योजना
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री जन औषधि योजना देश के करोड़ों गरीब लोगों के लिए वरदान बन गई है। उन्होंने इस योजना के सफल बनाने के लिए फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज के मालिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश भर में 10 हजार जन औषधि केंद्रों पर 50 से 90 फीसदी तक कम रियायती दरों पर गरीब परिवारों को दवाइयां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के एक विचार के जरिए पिछले 9 वर्षों में दवाइयों की खरीदी में देश के गरीब परिवारों के 30 हजार करोड़ रुपयों की बचत हुई है। वहीं सिर्फ़ वर्ष 2022-23 की बात करें तो इसमें 7500 करोड़ रुपए की बचत हुई है। सरकार ने उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के माध्यम से फार्मास्युटिकल क्षेत्र की 48 छोटी-बड़ी कंपनियों को 4 हजार करोड़ रुपए के निवेश की मंजूरी दी है। सरकार ने तीन फार्मा पार्क बनाने की दिशा में सुचारु आयोजन किया है। इसी तरह, मेडिकल डिवाइस के क्षेत्र में भी देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नेशनल मेडिकल डिवाइस पॉलिसी 2023 जारी की गई है। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मांडविया उपस्थित रहे।

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