Mumbai:मशहूर अभिनेता जावेद जाफरी के परिवार से कथित तौर पर 16.24 करोड़ रुपये की ठगी करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी में मुंबई महानगरपालिका (BMC) के सहायक आयुक्त (असिस्टेंट कमिश्नर) महेश पाटील का नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया है। मुंबई पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) के अधिकारियों के अनुसार, एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही महेश पाटील फरार हैं और पुलिस उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।(Mumbai)
बांद्रा के पुनर्विकास प्रोजेक्ट में निवेश का झांसा
यह पूरा मामला मुंबई के पॉश इलाके बांद्रा में एक पुनर्विकास (Redevelopment) परियोजना में निवेश से जुड़ा है। इस संबंध में जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने जाफरी परिवार को फर्जी सरकारी दस्तावेज दिखाए और भारी मुनाफे का लालच देकर इस हाउसिंग प्रोजेक्ट में निवेश करने के लिए राजी किया था।(Mumbai)
फर्जी सरकारी कर्मचारी समेत दो आरोपी गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए रुपेश मोरे नाम के एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। मोरे ने खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर जाफरी परिवार को बांद्रा की संपत्ति में पैसे लगाने के लिए प्रभावित किया था। अदालत ने मोरे को मंगलवार तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इससे पहले, पुलिस इस मामले में निशित पटेल नाम के एक अनिवासी भारतीय (OCI) व्यवसायी को भी गिरफ्तार कर चुकी है।(Mumbai)
सरकारी आवास से गायब मिले असिस्टेंट कमिश्नर
क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमने 13 मई को सहायक आयुक्त महेश पाटील और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके तुरंत बाद जांच टीम ने ताड़देव स्थित बीएमसी क्वार्टर्स में उनके सरकारी आवास पर छापा मारा, लेकिन पाटील वहां नहीं मिले। वे फिलहाल लापता हैं और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।”
बीएमसी दफ्तर में मुलाकात के दौरान बुना गया जाल
खार पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार, अप्रैल 2024 में हबीबा जाफरी टैक्स से जुड़े एक काम के सिलसिले में बांद्रा स्थित बीएमसी कार्यालय में सहायक आयुक्त महेश पाटील से मिलने गई थीं। इसी मुलाकात के दौरान पाटील ने उन्हें बांद्रा के एक हाई-प्रोफाइल प्रॉपर्टी प्रोजेक्ट की जानकारी दी और निशित पटेल के जरिए इस परियोजना में पैसे निवेश करने की सलाह दी।
जायदाद बेचकर ट्रांसफर किए थे पैसे, नावेद जाफरी भी बने शिकार
सरकारी अधिकारी पर भरोसा करके जाफरी परिवार ने अपनी संपत्ति बेची और आरोपियों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए। निवेश को पूरी तरह कानूनी दिखाने और परिवार का भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने जालसाजी कर जाली सरकारी कागजात तैयार किए थे। इस झांसे में आकर जावेद जाफरी के भाई नावेद जाफरी ने भी इस प्रोजेक्ट में बड़ी रकम का निवेश कर दिया।(Mumbai)
कैश, विदेशी करेंसी और महंगी घड़ियों में हुआ लेन-देन
यह पूरा लेन-देन बैंक ट्रांसफर, भारी मात्रा में नकदी (कैश), विदेशी मुद्रा और महंगी घड़ियों के माध्यम से किया गया था। हालांकि, तय समय के बाद भी जब प्रॉपर्टी का ट्रांसफर नहीं हुआ, तो जाफरी परिवार को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस का रुख किया। इस मामले में मुख्य आरोपी महेश पाटील, निशित पटेल और रुपेश मोरे के अलावा सागर मेहता, देवेंद्र पाडवळ और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस को अंदेशा है कि इस गिरोह ने कई अन्य रसूखदार लोगों को भी अपना शिकार बनाया है।(Mumbai)

