Cryptocurrency Racket Busted: गुजरात की सायबर क्राइम ब्रांच को एक बड़े अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टोकरेंसी रैकेट का भंडाफोड़ करने में बड़ी सफलता मिली है। आतंकवादी संगठनों को वित्तीय मदद (टेरर फंडिंग), डार्क वेब और मादक पदार्थों (ड्रग्स) की तस्करी से जुड़े करीब 225 करोड़ रुपये के इस महाघोटाले में मुंबई से जीशान मोतीवाला सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस गिरोह का सीधा संबंध इजरायल द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन ‘हमास’ से सामने आया है।(Cryptocurrency Racket Busted)
57 बैंक खाते और करोड़ों के संदिग्ध ट्रांजैक्शन
सायबर पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी जीशान मोतीवाला ने अपने छह साथियों के साथ मिलकर इस आपराधिक साजिश को अंजाम दिया और बड़े पैमाने पर क्रिप्टो ट्रांजैक्शन किए। जांच एजेंसियों ने दावा किया है कि मोतीवाला का बिनेंस (Binance) वॉलेट 57 अलग-अलग बैंक खातों से जुड़ा हुआ था। इस अकेले वॉलेट के माध्यम से 23,55,393 अमेरिकी डॉलर (करोड़ों रुपये) के संदिग्ध लेन-देन किए गए। आरोपियों ने अवैध तरीकों से कमाई गई ‘डर्टी’ क्रिप्टोकरेंसी को पहले USDT (स्टेबल क्रिप्टो) में बदला और फिर उसे विभिन्न गुप्त रास्तों से आतंकी संगठनों तक पहुंचाया।(Cryptocurrency Racket Busted)
हमास और दुबई से जुड़े वित्तीय संबंध
जांच के दौरान अधिकारियों ने जब्त किए गए क्रिप्टो वॉलेट्स से अब तक 226.54 करोड़ रुपये के लेन-देन का पता लगाया है। इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का दायरा बेहद बड़ा है, और पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अतिरिक्त वॉलेट्स और क्रिप्टोकरेंसी नेटवर्क्स की तलाश कर रही है। पुलिस के दावों के अनुसार, जब्त किए गए कुछ क्रिप्टो वॉलेट्स सीधे ‘हमास’ और ‘दुबई कंपनी फॉर एक्सचेंज’ के वित्तीय लेन-देन की कड़ियों से जुड़े पाए गए हैं। इजरायल ने इन दोनों ही संस्थाओं को आतंकी संगठन घोषित किया हुआ है।(Cryptocurrency Racket Busted)
पकड़े जाने से बचने के लिए डार्क वेब और ‘मोनेरो’ का इस्तेमाल
बिनेंस वॉलेट्स के तकनीकी विश्लेषण से बेहद हैरान करने वाली जानकारियां सामने आई हैं। इस रैकेट के तार ‘एबाकस मार्केट’ (Abacus Market) नामक डार्क वेब मार्केटप्लेस से जुड़े हैं, जिसका इस्तेमाल वैश्विक स्तर पर आपराधिक गतिविधियों के लिए किया जाता है। विशेष बात यह है कि सुरक्षा एजेंसियों को चकवा देने और फंड के स्रोत का पता न चलने देने (Fund Trailing रोकने) के लिए आरोपियों ने ‘मोनेरो’ (Monero) जैसे अत्यधिक गोपनीय क्रिप्टो वॉलेट्स का उपयोग किया था।(Cryptocurrency Racket Busted)
देशभर के 935 सायबर फ्रॉड से जुड़े हैं तार
यह मामला सिर्फ टेरर फंडिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि एक बहुत बड़े सायबर फ्रॉड से भी जुड़ा हुआ है। आरोपियों के क्रिप्टो वॉलेट जिन बैंक खातों से लिंक थे, उनका इस्तेमाल सायबर धोखाधड़ी से जुटाए गए पैसों को रखने के लिए किया जा रहा था। जांच में यह साबित हुआ है कि देश भर में ऑनलाइन घोटाले और ठगी की कम से कम 935 शिकायतें इन्हीं खातों से सीधे जुड़ी हुई हैं। सायबर पुलिस अब इस पूरे अंतरराष्ट्रीय रैकेट के मुख्य मास्टरमाइंड की तलाश में जुट गई है।(Cryptocurrency Racket Busted)
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