किसान आंदोलनः टोल वसूली नहीं होने से कितने करोड़ की चपत?… जानिए इस खबर में

केंद्र सरकार ने 11 फरवरी को संसद में इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि किसानों के आंदोलन के कारण हर दिन करीब 1.8 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है।

पिछले 78 दिनों से जारी किसानों के आंदोलन के कारण टोल कलेक्शन नहीं होने से अब तक करीब 600 करोड़ की चपत सरकार को लग चुकी है। केंद्र सरकार ने 11 फरवरी को संसद में इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि किसानों के आंदोलन के कारण हर दिन करीब 1.8 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर किए जा रहे प्रदर्शन में पंजाब, हरियाणा और दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में कई जगहों के टोल कलेक्शन दिसंबर से ही नहीं हो रहा है।

परिवहन मंत्री ने दी लिखित में जानकारी
लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी के सांसद पीसी गड्डीगोदर ने सरकार से पूछा था कि क्या किसानों के आंदोलन की वजह से नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को बड़ा नुकसान हो रहा है। लिखित जवाब में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि किसानों के आंदोलन से कोई भी टोल प्लाजा संचालित नहीं हो रहा है। इसलिए एनएसएआई सड़क का प्रयोग करनेवालों से शुल्क नहीं लिया जा रहा है। इस वजह से पब्लिक फंडेड टोल प्लाजा के मामले में हर दिन करीब 1.8 करोड़ का नुकसान हो रहा है।

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अब तक 600 करोड रुपए का नुकसान
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी के मुताबिक किसानों के आंदोलन की वजह से पंजाब, हरियाणा और दिल्ली एनसीआर में टोल प्लाजा कलेक्शन के मामले में अब तक करीब 600 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। इसके साथ ही 9300 करोड़ रुपए का कर्ज जोखिम में आ गया है।

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