जिहादियों की राजधानी बन रही है दिल्ली! वीएचपी ने केजरीवाल सरकार को ऐसे घेरा

विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र जैन ने घोषणा की है कि किसी भी स्थिति में वीएचपी द्वारका में हज हाउस नहीं बनने देगी।

दिल्ली के द्वारका में हज हाउस बनाए जाने को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने आक्रामक रुख अपनाया है। वीएचपी ने इस प्रोजेक्ट का विरोध करते हुए कहा है कि द्वारका जैसे संवेदनशील स्थान पर हज हाउस बनाया जाना उचित नहीं है। डॉ. जैन ने केजरीवाल सरकार पर वोट बैंक की पॉलिटिक्स करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि हिंदुओं से प्राप्त टैक्स से मुसलमानों के लिए हज हाउस बनाकर अरविंद केजरीवाल अपनी पार्टी के लिए वोट बैंक पक्का करना चाहते हैं।

विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र जैन ने घोषणा की है कि किसी भी स्थिति में वीएचपी द्वारका में हज हाउस नहीं बनने देगी। उन्होंने कहा कि द्वारका जैसे संवेदनशील स्थान पर हज हाउस बनाए जाने से दिल्ली में विदेशी लोगों का आना-जाना बढ़ेगा और इससे देश की राजधानी के साथ ही देश में भी आतंकी गतिविधियां बढ़ने से इनकार नहीं किया जा  सकता है।

वीएचपी ने दी चेतावनी
वीएचपी के संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र जैन ने इस बारे में कहा है कि स्थानीय लोगों की आपत्ति के बावजूद केजरीवाल सरकार मानने को तैयार नहीं है। यहां तक कि वह विरोध का भी कोई जवाब देने को भी तैयार नहीं है। उन्होंने कहा है, कि वीएचपी किसी भी स्थिति में द्वारका में हज हाउस नहीं बनने देगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के साथ मिलकर वीएचपी इसका उग्र विरोध करेगी और ईंट से ईंट बजा देगी।

स्थानीय स्तर पर भी विरोध
बता दें कि इस स्थान पर हज हाउस बनाने का स्थानीय स्तर पर भी उग्र विरोध किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पालम एयरपोर्ट जहां यहां से बिलकुल पास है, वहीं इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भी ज्यादा दूर नहीं है। इस तरह की भीड़भाड़ वाली जगह पर हज हाउस बनाए जाने से लोगों को काफी परेशानी होगी। इसके साथ ही विदेशी लोगों के आना जाना बढ़ने से आतंकवादी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

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सोशल मीडिया पर भी विरोध
केजरीवाल सरकार के इस निर्णय का सोशल मीडिया पर भी विरोध हो रहा है। एक ट्विटर यूजर ने लिखा है कि केजरीवाल सरकार ने अपने कार्यकाल में एक स्कूल या अस्पताल तक नहीं बनाया। लेकिन अब वह सौ करोड़ खर्च कर हज हाउस बनाने जा रही है।

वोट बैंक की राजनीति का आरोप
इसे आप का वोट बैंक पॉलिटिक्स बताया जा रहा है। हज हाउस का प्रस्ताव सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल 2008 में लाया गया था। द्वारका के सेक्टर 22 में बनने वाले इस हज हाउस में एक समय में 350 लोग रह सकते हैं। 5000 वर्ग मीटर में बनने वाले इस हज हाउस के लिए 2018 में आम आदमी पार्टी सरकार ने 94 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था।

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