Cabinet: भारतीय रेलवे में 6 मल्टी ट्रैकिंग परियोजनाओं को दी मंजूरी

इससे हर साल 87 मिलियन टन प्रति वर्ष का अतिरिक्त माल ढुलाई होगी। भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में 1020 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी। साथ ही उक्त 6 राज्यों में लोगों को लगभग 3 करोड़ मानव दिवस का रोजगार मिलेगा। इसके अलावा रसद लागत, तेल आयात और सीओ2 उत्सर्जन में कमी आयेगी।

194

Cabinet: केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) ने भारतीय रेलवे (Indian Railways) में 6 मल्टी ट्रैकिंग परियोजनाओं (Multi Tracking Projects) को मंजूरी प्रदान की है। केंद्र सरकार (Central Government) 12,343 करोड़ (लगभग) रूपये किन परियोजनाओं के100 प्रतिशत वित्त पोषण करेगी। सरकार के अनुसार परियोजनाएं 6 राज्यों – राजस्थान, असम, तेलंगाना, गुजरात, आंध्र प्रदेश और नागालैंड के 18 जिलों को कवर करती हैं।

मौजूदा नेटवर्क में बढ़ेगा 1020 किलोमीटर
इससे हर साल 87 मिलियन टन प्रति वर्ष का अतिरिक्त माल ढुलाई होगी। भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में 1020 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी। साथ ही उक्त 6 राज्यों में लोगों को लगभग 3 करोड़ मानव दिवस का रोजगार मिलेगा। इसके अलावा रसद लागत, तेल आयात और सीओ2 उत्सर्जन में कमी आयेगी। रेलवे के यह रूट हैं : राजस्थान में जयपुर-सवाई माधोपुर, अजमेर-चंदेरिया, असम में रेलकम रोड ब्रिज के साथ अगथोरी-कामाख्या, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में मोटुमारी-विष्णुपुरम और मोटुमारी में रेल ओवर रेल, असम व नागालैंड में लुमडिंग- फुरकेटिंग।

रोजगार/स्वरोजगार की बढ़ेंगी अवसरों
परियोजनाएं प्रधान मंत्री के नए भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं जो क्षेत्र में मल्टी-टास्किंग कार्यबल बनाकर क्षेत्र के लोगों को “आत्मनिर्भर” बनाएगी और उनके रोजगार/स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाएगी। ये परियोजनाएं मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का परिणाम हैं जो एकीकृत योजना के माध्यम से संभव हुई हैं और लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी।

Join Our WhatsApp Community
Get The Latest News!
Don’t miss our top stories and need-to-know news everyday in your inbox.