तिथि विशेष 22 नवंबरः रूढ़ियों को चुनौती देने वाली देश की पहली महिला चिकित्सक

शादी खत्म होने के तुरंत बाद रखमाबाई ने 1889 में लंदन स्कूल ऑफ मेडिसिन फॉर वीमेन में दाखिला लिया

1017

भारत की पहली महिला चिकित्सक डॉ. रखमाबाई राउत महान नारीवादियों में भी शामिल थीं, जिन्होंने 22 साल की उम्र में अपने तलाक के लिए कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ी। रखमाबाई के इस कदम ने उस वक्त के रुढ़िवादी समाज को पूरी तरह हिलाकर रख दिया।

रखमाबाई राउत का जन्म 22 नवंबर 1864 को मुंबई (तत्कालिक बॉम्बे) में हुआ था। उनकी विधवा मां ने महज ग्यारह वर्ष की उम्र में उनकी शादी करवा दी थी। लेकिन रखमाबाई कभी अपने पति के साथ रहने के लिए नहीं गईं। साल 1887 में उनके पति दादाजी भीकाजी ने संवैधानिक अधिकारों की बहाली के लिए कोर्ट में याचिका दायर की। अपने बचाव में रखमाबाई ने कहा कि कोई भी उन्हें इस शादी के लिए कोई मजबूर नहीं कर सकता है क्योंकि उन्होंने कभी भी इस शादी के लिए सहमति नहीं दी और जिस समय उनकी शादी हुई वो बहुत छोटी थीं। केस के परिणामस्वरूप कोर्ट ने उन्हें दो विकल्प दिये- पहला, या तो वो अपने पति के पास चली जाएं या फिर छह महीने के लिए जेल जाएं। रखमाबाई ने जेल जाने का विकल्प चुना। अदालत ने उनके पक्ष में फैसला नहीं दिया बावजूद इसके उन्होंने अपनी लड़ाई जारी रखी। अपनी शादी को खत्म करने के लिए उन्होंने रानी विक्टोरिया को पत्र भी लिखा। रानी ने अदालत के फैसले को पलट दिया। अंत में उनके पति ने मुकदमा वापस ले लिया।

यह भी पढ़ें – जानिए अपने शहर में पेट्रोल और डीजल के नए भाव – 

ल्स से अपनी एमडी पूरी की।
शादी खत्म होने के तुरंत बाद रखमाबाई ने 1889 में लंदन स्कूल ऑफ मेडिसिन फॉर वीमेन में दाखिला लिया। उन्होंने 1894 में स्नातक पूरा किया लेकिन वो आगे एमडी करना चाहती थीं। लंदन स्कूल ऑफ मेडिसिन उस समय तक महिलाओं को एमडी नहीं करवाता था। उन्होंने मेडिकल स्कूल के इस फैसले के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद की। इसके बाद उन्होंने ब्रसेल्स से अपनी एमडी पूरी की। रखमाबाई भारत की पहली महिला एमडी और प्रैक्टिस करने वाली डॉक्टर बनीं। शुरू में उन्होंने मुंबई के कामा अस्पताल में काम किया लेकिन बाद में सूरत चली गईं। उन्होंने अपना पूरा जीवन महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए समर्पित कर दिया और 35 सालों तक प्रैक्टिस की।

Join Our WhatsApp Community
Get The Latest News!
Don’t miss our top stories and need-to-know news everyday in your inbox.