Maharashtra ST: अब महाराष्ट्र ST कर्मचारियों की रीलबाजी पर लगेगा ब्रेक, नियम तोड़ा तो होगी कार्रवाई

महामंडल ने सख्त हिदायत दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर एसटी सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

51
Maharashtra ST buses parked at a depot.
Maharashtra ST buses are seen parked at the depot.

Maharashtra ST: महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल (एसटी) ने ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया पर रील, शॉर्ट्स, लाइव स्ट्रीमिंग और वीडियो बनाने वाले कर्मचारियों पर सख्ती करते हुए नया परिपत्र जारी किया है। चालक, परिचालक और अन्य कर्मचारी अब ड्यूटी के दौरान, वाहन चलाते समय, डिपो, बस स्टेशन, कार्यालय या एसटी बस में वर्दी पहनकर किसी भी प्रकार का सोशल मीडिया कंटेंट तैयार नहीं कर सकेंगे।

इसे भी पढ़ें: Nepal Weather: नेपाल में मौसम का रेड अलर्ट! कई प्रांतों पर मंडराया बाढ़ और भूस्खलन का खतरा

महामंडल ने सख्त हिदायत दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर एसटी सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। एसटी के उपाध्यक्ष व प्रबंध निदेशक डॉ. माधव कुसेकर द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि हाल के दिनों में ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों द्वारा व्यक्तिगत प्रसिद्धि के लिए रील और वीडियो बनाने की शिकायतें मिली थीं, जिससे एसटी की छवि और सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। इसी को देखते हुए आठ बिंदुओं वाला नया दिशा-निर्देश लागू किया गया है। परिपत्र के अनुसार चलती बस या ड्यूटी के दौरान फिल्मी गीतों पर रील, शॉर्ट्स या लाइव वीडियो बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। एसटी की गोपनीय, आंतरिक या प्रशासनिक जानकारी, फोटो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा नहीं किए जा सकेंगे। वहीं, महामंडल की योजनाओं, यात्री सुविधाओं, स्वच्छता और सड़क सुरक्षा जैसे सकारात्मक विषयों पर वीडियो केवल सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति से ही बनाए जा सकेंगे।

इसे भी पढ़ें: London: अनुच्छेद 370 की बरसी पर लंदन में भारतीय दूतावास के बाहर हुआ प्रदर्शन, फिर गूंजा कश्मीर का मुद्दा

महामंडल ने सोशल मीडिया पर सक्रिय कर्मचारियों को जनहित अभियानों के प्रचार के लिए ‘इन्फ्लुएंसर’ के रूप में प्रोत्साहित करने का भी निर्णय लिया है। इसके लिए विभागीय स्तर पर बैठकें आयोजित कर आवश्यक जानकारी दी जाएगी। सभी कार्यालय प्रमुखों को परिपत्र प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।

Join Our WhatsApp Community

Get The Latest News!
Don’t miss our top stories and need-to-know news everyday in your inbox.