उत्तर प्रदेश: इन जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना

दक्षिण अंडमान और उससे सटे दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र, बंगाल की दक्षिण पूर्व खाड़ी और उससे सटे दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर एक गहरी निम्न दबाव में तब्दील हो गया है।

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उत्तर प्रदेश के राजधानी लखनऊ, कानपुर समेत आठ जिलों में गुरूवार सुबह बारिश हुई। अनुमान है कि तीन दिन बाद पारा गिर सकता है। गुरूवार को अचानक आए मौसम में परिवर्तन के चलते मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 23 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है।

चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर के मौसम वैज्ञानिक डॉ.एस.एन.सुनील पांडेय ने बताया कि गुरूवार भोर से कानपुर में बारिश शुरू हुई जो सुबह तक रूक-रूक होती रही। इसी तरह लखनऊ, अयोध्या, आगरा, जालौन, प्रयागराज, वाराणसी समेत कई जनपदों में गुरूवार तड़के बारिश हुई है। वहीं इटावा, फतेहपुर, जालौन में भी रिमझिम बारिश हुई है। इससे पूर्व बुधवार को मुजफ्फरनगर, संभल, बिजनौर में बारिश रिकॉर्ड हुई थी।

चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।
कृषि मौसम वैज्ञानिक पांडेय ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ पंजाब से हरियाणा होते हुए दिल्ली तक समुद्र तल से लगभग 5.8 किमी ऊपर पश्चिमी हवाओं में एक ट्रफ के रूप में बना हुआ है। श्रीलंका और आसपास के इलाकों पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

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दक्षिण अंडमान और उससे सटे दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र, बंगाल की दक्षिण पूर्व खाड़ी और उससे सटे दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर एक गहरी निम्न दबाव में तब्दील हो गया है। इसके पश्चिम उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और 30 नवंबर के आसपास एक डिप्रेशन में तब्दील होने की संभावना है। इसके बाद अगले 48 घंटों के दौरान, इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी पर एक चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है। 29 नवंबर से 1 दिसंबर के बीच दक्षिण पूर्व अरब सागर से केरल होते हुए उत्तरी महाराष्ट्र तक एक ट्रफ निचले स्तर पर चल रही पूर्वी हवाओं में विकसित होगी।

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