UPI Charge: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने डिजिटल भुगतान शुल्क के मुद्दे पर केंद्र सरकार के कदम का समर्थन किया है। मुख्यमंत्री का मानना है कि इस विशाल डिजिटल पेमेंट नेटवर्क को सुचारू रूप से चलाना और संभालना खर्चीला काम है, इसलिए सिस्टम के रख-रखाव पर आने वाली लागत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। (UPI Charge)
मीडिया से बातचीत करते हुए उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि सामान्य उपभोक्ताओं और P2P (पर्सन-टू-पर्सन) ट्रांजैक्शन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा, बशर्ते लेनदेन तय सीमा के भीतर हो। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि यदि शुल्क लगाना ही है तो यह कंपनियों पर लागू होना चाहिए, क्योंकि वे इस माध्यम से भारी लाभ कमाती हैं, बशर्ते आम नागरिकों पर इसका वित्तीय बोझ न पड़े। सीएम ने इस बात पर भी जोर दिया कि किसी भी सेवा या बुनियादी ढांचे के निशुल्क मिलने पर लोग उसकी वास्तविक कीमत को आंकना भूल जाते हैं। (UPI Charge)
Unexpected Support for BJP Govt-
“Running UPI system is very expensive and we don’t appreciate things we get for free.
I have no objection if charges are levied on companies as they earn well from UPI transactions.”
– J&K CM Omar Abdullah after Govt introduces 0.4 percent MDR on UPI payments to merchants
— News Arena India (@NewsArenaIndia) September 16, 2026
आगामी विधानसभा सत्र की प्राथमिकताएं
सत्र से जुड़े सवालों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार की मुख्य प्राथमिकता सदन की कार्यवाही को शांतिपूर्ण ढंग से चलाना और जनप्रतिनिधियों के सवालों का उचित समाधान देना है। (UPI Charge)
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2000 से ऊपर के UPI पेमेंट पर 0.4%
जानकारी के लिए बता दे कि यूपीआई भुगतान (UPI Payment) पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर सरकार ने अपनी स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 2000 रुपये से ऊपर के चुनिंदा मर्चेंट यूपीआई लेन-देन पर लगने वाले 0.4 प्रतिशत एमडीआर को हटाने का कोई विचार नहीं है। ये नए प्रावधान आगामी 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो जाएंगे। (UPI Charge)
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