राजस्थान कांग्रेस में कलह पर विराम? सचिन पायलट के इस कदम से समर्थक निराश

11 जून को सचिन पायलट द्वारा अपने पिता की पुण्यतिथि पर बड़ा सियासी ऐलान करने की संभावनाओं पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। समझा जा रहा है कि सचिन ने अशोक गहलोत के सामने घुटने टेक दिए हैं।

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पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट 11 जून को दौसा पहुंचे। यहां भंडाना स्थित पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय राजेश पायलट के स्मारक पहुंचकर उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद प्रार्थना सभा में शामिल हुए। राजेश पायलट की 23वीं पुण्यतिथि पर बड़ी संख्या में पायलट के समर्थक भंडाना स्मारक पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित कर रहे हैं। इससे पहले मंत्री प्रसादी लाल मीणा के पहुंचने पर पायलट जिंदाबाद के नारे लगे।

सचिन पायलट समर्थक निराश
इसके बाद सचिन पायलट दौसा शहर स्थित गुर्जर छात्रावास पहुंचकर राजेश पायलट की मूर्ति का अनावरण करेंगे। यहां वे जनसभा को भी संबोधित करेंगे। कार्यक्रम को लेकर गुर्जर समाज के लोगों ने जिलेभर से लोगों को आमंत्रित किया है। ऐसे में बड़ी संख्या में सचिन पायलट को सुनने के लिए लोगों की भीड़ पहुंच रही है। 11 जून को सचिन पायलट द्वारा बड़ा सियासी ऐलान करने की संभावनाओं पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। इससे सचिन पायलट के समर्थक निराश बताए जा रहे हैं। वे इस बार आर-पार की लड़ाई लड़ने के मूड में थे, लेकिन सचिन पायलट ने एक बार पिर गहलोत के सामने घुटने चेक दिए हैं।

सचिन रवाना होंग दिल्ली
पुष्पांजलि अर्पित पहुंचे पायलट के समर्थक कृषि विपणन राज्यमंत्री मुरारीलाल मीणा ने कहा कि इस प्रकार की बातें सिर्फ अफवाह है, यहां सिर्फ श्रद्धांजलि सभा होगी। उन्होंने कहा कि राजेश पायलट बड़े नेता थे, उनकी पुण्यतिथि पर प्रतिवर्ष भंडाना में पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस साल भी यह कार्यक्रम हो रहा है, इसके बाद सचिन पायलट दिल्ली रवाना होंगे।

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पिता राजेश पायलट को किया याद
इससे पहले सचिन पायलट ने ट्वीट कर अपने पिता राजेश पायलट को श्रद्धा के साथ याद किया। उन्होंने लिखा कि पूज्य पिताजी स्व. राजेश पायलट की पुण्यतिथि पर उन्हें हृदय से नमन करता हूं। अपनी कर्मभूमि से उनका जुड़ाव, जनता से अपनेपन का रिश्ता एवं जनकल्याण के प्रति उनकी समर्पित कार्यशैली मेरे लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने जनहित को सर्वोपरि मानकर कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उनके विचारों और आदर्शों का मैं सदैव अनुसरण करता रहूंगा।

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