Rajasthan Assembly Elections: भाजपा-कांग्रेस में डैमेज कंट्रोल का प्रयास फेल, नहीं थम रहे बगावती सुर

भाजपा में टिकट नहीं मिलने के बाद बगावती सुर की सूची में 24 अक्टूबर को नीम का थाना और बस्सी भी जुड़ गया। चित्तौड़गढ, किशनगढ़, कोटपुतली, सांचौर में पहले ही से ही दावेदार निर्दलीय चुनाव लड़ने की ताल ठोक चुके हैं।

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राजस्थान में टिकट वितरण के बाद भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस की कई सीटों पर बवाल की स्थिति बनी हुई है। भाजपा में टिकट नहीं मिलने के बाद बगावती सुर की सूची में 24 अक्टूबर को नीम का थाना और बस्सी भी जुड़ गया। चित्तौड़गढ, किशनगढ़, कोटपुतली, सांचौर में पहले ही से ही दावेदार निर्दलीय चुनाव लड़ने की ताल ठोक चुके हैं। कई अन्य सीट पर भी विरोध-प्रदर्शन चल रहे है। कांग्रेस में भी बगावत बढ़ती जा रही है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टी कई सीट पर अब भी डैमेज कंट्रोल नहीं कर पा रही है। उलटे, प्रत्याशियों की मुसीबत बढ़ गई हैं।

कानोता कस्बे में निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा
भाजपा में बस्सी से दावेदार रहे जितेन्द्र मीना ने कानोता कस्बे में समर्थकों के साथ मीटिंग कर निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान कर दिया। इससे जहां भाजपा की टेंशन बढ़ गई, जबकि कांग्रेस भी सतर्क हो गई है। एक दर्जन दावेदार टिकट वितरण से पहले ही दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेताओं से मिल कर भाजपा प्रत्याशी का विरोध जता आए थे। यहां से रिटायर्ड आईएएस को टिकट दिया गया है। नीम का थाना में दावेदार रघुवीर सिंह तंवर भूदोली ने चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। तंवरावाटी राजपूत समाज की ओर से ग्राम बल्लमदासपुरा में आयोजित दशहरा उत्सव में भूदोली ने कहा कि मैं वचन देता हूं कि आजीवन नीमकाथाना की जनता की सेवा करूंगा। लोगों के आग्रह पर चुनाव लड़ने की बात कही। बूंदी से भाजपा प्रत्याशी अशोक डोगरा का विरोध में दौलाड़ा पंचायत के कुंवारती में भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी और पुतले के साथ विरोध प्रदर्शन किया। छबड़ा में सातवीं बार भाजपा प्रत्याशी बनाए गए प्रतापसिंह सिंघवी की खिलाफत शुरू हो गई है। दावेदारी जता रहे जिला परिषद के पूर्व सदस्य उपेन्द्र शर्मा, हिंदू जागरण मंच के प्रांत सह संयोजक रूपसिंह लोधा सहित अन्य ने सिंघवी का विरोध किया। भाजयुमो नगर अध्यक्ष रामधन भार्गव, पूर्व अध्यक्ष हनुमान शर्मा समेत कई पदाधिकारियों ने प्रत्याशी बदलने की मांग की।

दौसा में भी बगावत
दूसरी तरफ कांग्रेस में दौसा से विधायक व राज्यमंत्री मुरारीलाल मीना को टिकट देने के विरोध में दावेदार राधेश्याम नांगल ने कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लडऩे का ऐलान किया है। महुवा में निर्दलीय विधायक ओमप्रकाश हुड़ला को कांग्रेस का टिकट मिलने के बाद स्थानीय दावेदार पूर्व जिला प्रमुख अजीतसिंह महुवा, पूर्व प्रत्याशी अजय बोहरा, रामनिवास गोयल सहित कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने विरोध में रैली निकालकर प्रदर्शन किया। टिकट निरस्त नहीं करने पर 26 अक्टूबर को बैठक कर निर्णय लेने की चेतावनी दी है। सांचौर के पूर्व विधायक जीवाराम चौधरी ने बताया कि टिकट बदलने को लेकर तीस अक्टूबर तक पार्टी जो फैसला करेगी, उस आधार पर ही निर्णय लूंगा। जनता की मांग के अनुसार पार्टी प्रत्याशी नहीं बदलती है तो महापंचायत बुलाई जाएगी। इसमें जनता जो भी निर्णय करेगी, उस आधार पर आगे का फैसला लेंगे।

झुंझुनूं में भाजपा नेता ने थामा कांग्रेस का दामन
अजमेर जिले की किशनगढ़ सीट से पिछला चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़कर दूसरे स्थान पर रहे विकास चौधरी ने 2023 में पार्टी टिकट नहीं मिलने पर 25 अक्टूबर को झुंझुनूं में प्रियंका गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस का दामन थाम लिया। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया है और जनता ने आशीर्वाद भी दे दिया। पार्टी के नेताओं ने बात की थी, लेकिन अब पीछे नहीं हटूंगा। कोटपुतली से पिछला चुनाव लड़कर हार चुके मुकेश गोयल का कहना है कि चुनाव लड़ने का एलान कर चुका हूं। जनता ने जो विश्वास जताया है, उससे पीछे नहीं हट सकता। यहां से सात बार निर्दलीय प्रत्याशी जीते हैं, इस चुनाव में भी ऐसा ही होगा। संगठन से जो बात होनी थी, हो चुकी है।

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष को विवाद सुलझने का विश्वास
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी का कहना है कि भाजपा का विशाल परिवार है और यहां सामूहिक रूप से निर्णय होते हैं। टिकट वितरण का जो विवाद है, उसे मिल बैठकर सुलझा लिया जाएगा। टिकट वितरण के लिए किसी एक व्यक्ति को टारगेट क्यों? हम परिवार के लोग हैं। एक साथ मिल बैठकर काम करेंगे।

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