पंजाब : तो क्या स्थानीय निकाय में आंदोलन चल गया?

पंजाब में स्थानीय निकाय का चुनाव परिणाम प्रदेश में कांग्रेस की प्रचंड सत्ता का संदेश लेकर आया है। इसे तीन कृषि कानूनों के विरोध में जनमत माना जा रहा है।

राज्य में आठ महानगर पालिका और 109 नगर पालिका के परिणाम घोषित हो रह हैं। इसमें कांग्रेस को क्लीन स्वीप तो आम आदमी पार्टी और भाजपा को बड़ा झटका लगा है। इस विजय को लेकर अब शंकाएं जन्म लेने लगी हैं कि क्या प्रदेश के शहरों की इस छोटी असेंबली में जीत का परचम लहराने के लिए किसान आंदोलन को हवा दे रहे थे ‘हाथ’? यदि ऐसा है तो कांग्रेस के लिए तो आंदोलन फल गया है।

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पंजाब की आठ महानगर पालिका अबोहर, बठिंडा, बटाला, कपूरथला, होशियारपुर, पठानकोट, मोगा और 109 नगर नगम में चुनाव परिणाम सामने आ रहे हैं। इन परिणामों को तीन कृषि कानूनों के बाद पंजाब का जनमत माना जा रहा है। जिसमें कांग्रेस को बड़ी जीत प्राप्त हुई है।

इसलिए परिणाम से विपक्ष साफ

  • तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब में जनमत
  • जहां चुनाव हुए उन्हीं क्षेत्रों में हुए स्थानीय निकाय के चुनाव
  • कांग्रेस के केंद्रीय और राज्य नेतृत्व ने किया किसान आंदोलन का समर्थन
  • पंजाब के किसानों ने रोटेशन में सीमा पर आंदोलन में लगाई ड्यूटी
  • भाजपा को प्रचार में आई बड़ी दिक्कत
  • भाजपा के नेताओं को विरोध और हमला झेलना पड़ा

राज्य में 14 फरवरी 2021 को स्थानीय निकायों के लिए मत पड़े थे।

  • स्थानीय लोगों ने इसमें बड़ी संख्या में हिस्सा लिया और 70 प्रतिशत मतदान पड़ा था।
  • इस चुनाव में 9,222 प्रत्याशी मैदान में थे।
  • कुल 2,302 वार्डों में मतदान हुआ था।
  • कुल 2,832 निर्दलीय उम्मीदवार थे मैदान में
  • कांग्रेस के 2,037 उम्मीदवार मैदान में
  • शिरोमणि अकाली दल के 1,569 उम्मीदवार
  • भारतीय जनता पार्टी के 1,003 उम्मीदवार
  • आम आदमी पार्टी के 1,606 उम्मीदवार
  • बहुजन समाज पार्टी के 160 उम्मीदवार मैदान में थे

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पंजाब में कुल मतदाता 39,15,280

  • पुरुष 20,49,777
  • महिला 18,65,354
  • तृतीय पंथी 149

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