राहुल और प्रियंका गांधी से क्यों मिले प्रशांत किशोर? जानने के लिए पढ़ें ये खबर

2022 में उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें से पंजाब में कांंग्रेस के चुनावी रणनीतिकार की जिम्मेदारी पहले से ही प्रशांत किशोर के पास है।

देश के नामी चुनावी चाणक्य प्रशांत किशोर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ भी बैठक की है। किशोर ने राहुल गांधी के दिल्ली स्थित आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की। बैठक में प्रियंका गांधी के साथ ही वेणुगोपाल भी उपस्थित थे। उनकी इस मुलाकात को पांच राज्यों में होनेवाले विधानभा चुनाव की पृष्ठभूमि में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

2022 में उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें से पंजाब में कांंग्रेस के चुनावी रणनीतिकार की जिम्मेदारी पहले से ही प्रशांत किशोर के पास है। अब समझा जा रहा है कि बाकी चार राज्यों में होने वाले चुनाव में कांग्रेस के लिए रणनीति बनाने की जिम्मेदारी भी प्रशांत किशोर को दी जा सकती है।

यह भी हो सकता है कारण
बता दें कि कुछ दिनों पहले प्रशांत किशोर ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार से भी एक महीने में तीन बार मुलाकात की थी। इस कारण चर्चा यह भी है कि किशोर ने केंद्र की भाजपा सरकार और मोदी के विकल्प के तौर पर तीसरे मोर्चे के गठन के उद्देश्य से यह मुलाकात की है।

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एक महीने में तीन बार पवार से की मुलाकात
देश के दिग्गज नेता शरद पवार से प्रशांत किशोर ने एक महीने में तीन बार मुलाकात की थी। इन मुलाकातों को 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के विकल्प के तौर पर तीसरे मोर्चे के गठन से जोड़कर देखा जा रहा था। हालांकि बैठक को लेकर दोनों ने ही कोई खुलासा नहीं किया था।

नामी चुनावी रणनीतिकार हैं प्रशांत किशोर
बता दें कि प्रशांत किशोर देश के नामी चुनावी रणनीतिकार हैं और हाल ही में पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पार्टी को जीत दिलाने में उनकी बड़ी भूमिका रही है। इससे पहले भी वे कई पार्टियों के लिए चुनावी रणनीतिकार का काम कर चुके हैं। यहां तक कि 2014 में लोकसभा चुनाव के समय प्रशांत किशोर भारतीय जनता पार्टी के चुनावी रणनीतिकार थे। उस चुनाव में भाजपा को ऐतिहासिक जीत मिली थी और नरेंद्र मोदी पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने थे।

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