इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ बिहार बना रहे हैं नीतीश और लालू : Giriraj Singh

गिरिराज सिंह ने कहा है कि नीतीश कुमार की सरकार ने तीसरी बार तुगलकी फरमान जारी किया है, जिसमें हिन्दुओं की छुट्टी में कटौती किया गया। महाशिवरात्रि और जन्माष्टमी जैसे महापर्व की छुट्टियों में कटौती कर मुसलमान के ईद और बकरीद की छुट्टियां बढ़ाई गई।

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केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) ने बिहार सरकार द्वारा हिंदुओं के पर्व-त्योहार की छुट्टी में कटौती कर मुस्लिम के पर्व में छुट्टी बढ़ाए जाने का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ बिहार (Islamic Republic of Bihar) बनाने की कोशिश की जा रही है।

मुस्लिम पर्व की छुट्टियां बढ़ाईं
शिक्षा विभाग (education Department) द्वारा 2024 के घोषित किए गए अवकाश सूची (holiday list) का विरोध करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और लालू यादव की सरकार ने स्कूलों में मुस्लिम पर्व की छुट्टी बढ़ाई और हिंदु त्योहारों में छुट्टी खत्म की। बिहार में कई हिंदू-त्योहारों की छुट्टियां खत्म कर दी गई हैं और ईद मुहर्रम की छुट्टियां बढ़ा दी गई है, यह भी गजवा-ए-हिंद का एक हिस्सा है।

तीसरी बार तुगलकी जारी किया फरमान
गिरिराज सिंह ने कहा है कि नीतीश कुमार की सरकार ने तीसरी बार तुगलकी फरमान जारी किया है, जिसमें हिन्दुओं की छुट्टी में कटौती किया गया। महाशिवरात्रि और जन्माष्टमी जैसे महापर्व की छुट्टियों में कटौती कर मुसलमान के ईद और बकरीद की छुट्टियां बढ़ाई गई। इसका क्या औचित्य है। नीतीश सरकार बिहार में इस्लामिक धर्म के आधार पर क्यों काम कर रही है।

रविवार के बदले शुक्रवार को स्कूल में छुट्टी
अररिया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज जैसे जिलों में रविवार के बदले शुक्रवार को स्कूल में छुट्टी दिया जाता है। इससे लगता है कि पूरे बिहार के स्कूलों में शुक्रवार को छुट्टी देने की योजना बनाई जा रही है। हिन्दुओं के पर्व में कटौती की गई छुट्टियों को बहाल नहीं किया गया तो इसका खामियाजा बिहार सरकार को भुगतना पड़ेगा। लालू यादव मो. लालू एवं नीतीश कुमार मो. नीतीश के नाम से जाने जाएंगे।

हिन्दुओं की भावनाओं पर कुठाराघात
गिरिराज सिंह ने कहा कि षड्यंत्र के तहत हिन्दुओं की भावनाओं पर कुठाराघात कर रहे हैं। तुष्टीकरण एवं वोट बैंक के लिए हिंदू के पर्व-त्योहारों की छुट्टियों को रद्द किया जा रहा है। अभी जारी आदेश भी ऐसा ही है। सनातन संस्कृति को खत्म करने की साजिश रचकर पढ़ाई बाधित होने का बहाना बनाया जा रहा है। तीज एवं जीवित पुत्रिका व्रत करने वाली महिला शिक्षिकाएं उपवास के दौरान कैसे पढ़ा सकेंगी।

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