‘भारत ने जो किया वो अन्य कोई देश नहीं कर सकता’… कोविड-19 पर सर्वोच्च सम्मान

कोरोना संक्रमण को लेकर केंद्र और राज्य सरकार प्रयासरत है। इसमें तीसरी लहरा का खतरा सभी को सता रहा है।

देश कोरोना से लड़ रहा है, सभी नागरिकों का तेजी से टीकाकरण करने का प्रयत्न जारी है। इस बीच केंद्र सरकार के एक निर्णय ने सर्वोच्च न्यायालय को खुश कर दिया। जिसके बाद न्यायालय ने केंद्र सरकार द्वारा कोरोना नियंत्रण के लिए किये जा रहे प्रयत्नों की सराहना की।

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सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई के दौरान न्यायाधीश एमआर शाह ने कहा कि, आज हम बहुत खुश हैं। उन लोगों को थोड़ी राहत मिलेगी जिन्होंने अपनों को खोया हैं। सरकार सबकुछ कर रही है… हम खुश है कि प्रभावितों के आंसू पोंछने के लिए कुछ ऐसा किया जा रहा है। हम इस सच्चाई को न्यायिक संज्ञान में लेते हैं कि जो भारत ने किया, वह अन्य कोई देश कर सकता है।

ये है मामला
सर्वोच्च न्यायालय में कोरोना संक्रमितों को मुआवजा देने की मांग को लेकर याचिकाएं दायर की गई थीं। जिस पर सुनवाई चल रही है। इन याचिकाओं में कोविड-19 में अपनों को खोनेवालों को चार लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग की गई थी। जिस पर केंद्र सरकार ने पहले ही न्यायालय को सुचित कर दिया था कि वह चाल लाख रुपए का मुआवजा नहीं दे सकती। इसके बाद याचिका की सुनवाई के दौरान 22 सितंबर 2021 को केंद्र सरकार की ओर से सुचित किया गया कि कोरोना से प्राण गंवाने वालों को 50 हजार रुपए का मुआवजा देने का निर्णय किया गया है। जिसे राज्य सरकार के अधीन आपदा राहत कोष से वितरित किया जाएगा।

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