Jharkhand: प्रधानमंत्री 15 नवंबर को आयेंगे खूंटी, 24 हजार करोड़ की इन परियोजनाओं का देंगे उपहार

प्रधानमंत्री भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातू गांव पहुंचने वाले पहले प्रधानमंत्री होंगे। प्रधानमंत्री सुबह करीब 11.30 बजे खूंटी में तीसरे जनजातीय गौरव दिवस 2023 के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेंगे।

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 जनजातीय गौरव दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15 नवंबर को झारखंड के खूंटी आयेंगे। 15 नवंबर को सुबह करीब 9.30 बजे प्रधानमंत्री रांची में भगवान बिरसा मुंडा मेमोरियल पार्क और स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का दौरा करेंगे। उसके बाद वह भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातू गांव पहुंचेंगे, जहां वह भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।

प्रधानमंत्री भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातू गांव पहुंचने वाले पहले प्रधानमंत्री होंगे। प्रधानमंत्री सुबह करीब 11.30 बजे खूंटी में तीसरे जनजातीय गौरव दिवस 2023 के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेंगे।

कमजोर जनजातीय समूह मिशन का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री विकसित भारत संकल्प यात्रा और प्रधानमंत्री विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह मिशन का शुभारंभ करेंगे। साथ ही प्रधानमंत्री किसान योजना की 15वीं किस्त भी जारी करेंगे और कई विकास योजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। योजनाओं की संतृप्ति का यह लक्ष्य पाने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर विकसित भारत संकल्प यात्रा शुरू करेंगे। यह यात्रा लोगों के पास जाने, जागरूकता पैदा करने और स्वच्छता सुविधाओं, आवश्यक वित्तीय सेवाओं, बिजली कनेक्शन, एलपीजी सिलेंडर तक पहुंच, गरीबों के लिए आवास, खाद्य सुरक्षा, उचित पोषण, विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छ पेयजल जैसी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करने पर केंद्रित होगी। संभावित लाभार्थियों का नामांकन इस यात्रा के दौरान मिले विवरणों के जरिए किया जाएगा।

आईईसी (सूचना, शिक्षा और संचार) वैन को दिखाएंगे हरी झंडी
विकसित भारत संकल्प यात्रा के शुभारंभ के अवसर पर प्रधानमंत्री खूंटी में आईईसी (सूचना, शिक्षा और संचार) वैन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह यात्रा महत्वपूर्ण जनजातीय आबादी वाले जिलों से शुरू होगी और 25 जनवरी 2024 तक देश के सभी जिलों को कवर करेगी।

कमजोर जनजातीय समूह की 28 लाख आबादी
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री एक अनुपम पहल प्रधानमंत्री विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (प्रधानमंत्री पीवीटीजी) मिशन का शुभारंभ भी करेंगे। 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 75 पीवीटीजी 22,544 गांवों (220 जिलों) में रहते हैं, जिनकी आबादी लगभग 28 लाख है। ये जनजातियां बिखरी हुई, दूरस्थ, दुर्गम बस्तियों में और अक्सर वन क्षेत्रों में रहती हैं। इसलिए लगभग 24,000 करोड़ रुपये के बजट वाले इस मिशन में पीवीटीजी परिवारों और इनके आवासों को सड़क और दूरसंचार कनेक्टिविटी, बिजली, सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण तक बेहतर पहुंच और स्थायी आजीविका के अवसर जैसी बुनियादी सुविधाओं से युक्त करने की योजना बनाई गई है।

इसके अलावा पीएमजेएवाई, सिकल सेल रोग उन्मूलन, टीबी उन्मूलन, शत-प्रतिशत टीकाकरण, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री पोषण, प्रधानमंत्री जनधन योजना आदि के लिए अलग से संतृप्ति सुनिश्चित की जाएगी। प्रधानमंत्री रेल, सड़क, शिक्षा, कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस जैसे कई क्षेत्रों में लगभग 7200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

प्रधानमंत्री इन परियोजनाओं का करेंगे उद्घाटन और शिलान्यास
प्रधानमंत्री जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, उनमें एनएच 133 के महगामा-हंसडीहा सेक्शन के 52 किमी लंबे हिस्से को चार लेन का करना, एनएच-114ए के बासुकीनाथ-देवघर सेक्शन के 45 किलोमीटर लंबे हिस्से को चार लेन का करना, केडीएच-पूर्णाडीह कोल हैंडलिंग प्लांट और आईआईआईटी रांची के नए शैक्षणिक और प्रशासनिक भवन की आधारशिला रखना शामिल है।

जिन परियोजनाओं का उद्घाटन होगा और राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा, उनमें आईआईएम रांची का नया परिसर, आईआईटी आईएसएम धनबाद का नया छात्रावास, बोकारो में पेट्रोलियम ऑयल और लूब्रिकेंट (पीओएल) डिपो, हटिया-पकरा सेक्शन, तलगरिया-बोकारो सेक्शन और जारंगडीह-पतरातू सेक्शन को डबल करना शामिल है। इसके अलावा, झारखंड में 100 फीसदी रेलवे विद्युतीकरण की उपलब्धि भी प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र को समर्पित की जाएगी।

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