ट्रैक्टर परेड हिंसाः कानूनी कार्रवाई के पहले ही भाग खड़े हुए नेता

दिल्ली पुलिस ने जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, उनमें जगबीर सिंह टाडा, भोग सिंह मनसा, राकेश टिकैत आदि लोगों के नाम शामिल हैं।

दिल्ली पुलिस ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर देश की राजधानी में हुई हिंसा मामले में 22 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जिन लोगों के नाम एफआईआर दर्ज की गई है, उनमें जगबीर सिंह टाडा, भोग सिंह मनसा, सुखपाल सिंह डाफर, ऋषि पाल, प्रेम सिंह गहलोत, सुरजीत सिंह फूल, कृपाल सिंह नातुवाला, वीएम सिंह, सतपाल सिंह, मुकेश चंद्र, जोगिंदर सिंह, बलवीर सिंह, राजेवाल बूटा सिंह, योगेंद्र यादव, सतनाम पन्नू, सरवन सिंह, दर्शन पाल, राकेश टिकैत आदि लोगों के नाम शामिल हैं। ये एफआईआर जारी वीडियो के आधार पर दर्ज की गई है। इस बीच कई संगठनों के नेताओं ने आंदोलन को खत्म करने का ऐलान कर दिया है। उनमें राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन और भारतीय किसान यूनियन( भानू) शामिल हैं।

शिकंजा कसने में जुटी पुलिस
बता दें कि गणतंत्र दिवस पर हजारों किसानों ने ट्रैक्टर परेड निकाली थी, लेकिन कुछ ही देर बाद दिल्ली में हिंसा का तांडव होने लगा था। दिल्ली के पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने राजधानी में हुई हिंसा के हालात पर चर्चा करने के लिए 27 जनवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उसके बाद दिल्ली पुलिस किसान नेताओं के खिलाफ शिकंजा कसने की तैयारी में है। मिली जानकारी के अनुसार जिन इलाकों में हमले हुए हैं, उन इलाकों के पुलिस थाने में ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं।

ये भी पढ़ेंः जानें.. कौन हैं ट्रैक्टर परेड के हिंसक चेहरे?

लाल किले में घुस गए किसान
ट्रैक्टर परेड के नाम पर जगह-जगह हुए बवाल के दौरान प्रदर्शनकारी किसान गणतंत्र दिवस पर लाल किले में घुस गए थे। यहां तक कि सैकड़ों किसान लाल किले के प्राचीर तक पहुंच गए और ठीक उसी जगह निशान साहिब का झंडा लगा दिया,जहां हर साल 15 अगस्त को प्रधानमंत्री तिरंगा फहराते हैं।

सोशल मीडिया पर भी नजर
मिली जानकारी के अनुसार साइबर सेल ने एक हजार से अधिक ट्विटर हैंडल की पहचान की गई है। इन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से 26 जनवरी को आंदोलन को हिसक होने में मदद की। इनमें कई बड़े नाम भी शामिल हैं।

300 से अधिक पुलिसकर्मी घायल
गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में कई स्थानों पर हुई हिंसा में पुलिस के 300 से ज्यादा जवान और ऑफिसर घायल हो गए। फिलहाल पुलिस इस हिंसा में हुए नुकसान की समीक्षा कर रही है। पंजाब और हरियाणा से जुड़े किसानों ने ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में जमकर बवाल काटा और पुलिस के जवानों पर लाठी-डंडों तथा पत्थरों से प्रहार किया। कहा जा रहा है कि इस दौरान 300 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए। घायलों में नॉर्थ दिल्ली से 121, आउटर से 78, ईस्ट से 34, द्वारका से 32, वेस्ट से 27, आउटर नॉर्थ से 12, शाहदरा से 5 और साउथ से 4 पुलिसवाले शामिल हैं।

बीकेयू( भानू) ने खत्म किया आंदोलन
भारतीय किसान यूनियन( भानू) के अध्यक्ष ठाकुर भानू प्रताप सिंह ने कहा कि दिल्ली में जो कुछ हुआ, उससे मैं काफी आहत हूं और हम अपना 58 दिन पुराना आंदोलन खत्म कर रहे हैं।

वीएम सिंह का आंदोलन से अलग होने का ऐलान
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के नेता वीएम सिंह ने किसान आंदोल से अलग होने के ऐलान किया है। उन्होंने राकेश टिकैत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राकेश टिकैत ने गन्ना किसानों का मुद्दा नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि मैंने आंदोलन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। सिंह ने कहा कि यहां नेतागिरी करने की होड़ लग गई है, और किसान आंदोलन पीछे छूट गया है।यह किसान आंदोलन को बदनाम करने क साजिश है। हम नहीं चाहते कि देश और संविधान को नुकसान पहुंचे। सिंह ने कहा कि कुछ लोगों ने आंदोलन को भटका दिया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here