इसलिए एमवीए के ‘अब्बू’ पर उठी कार्रवाई की मांग!

किसान आंदोलन के नाम पर विपक्ष के कई दल राजनीति कर रहे हैं। इसका सबसे बड़ा प्रमाण ये है कि जो दल सत्ता में रहते हुए कृषि कानूनों को पास किये जाने की मांग कर रहे थे उन्हीं दलों द्वारा अब विरोध के नाम पर खुलेआम असांस्कृतिक भाषा, उकसाऊ कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है।

केंद्रीय कृषि कानूनों के विरुद्ध तथाकथित किसानों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए मुंबई के आजाद मैदान में एक आंदोलन हुआ। इस आंदोलन में राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार के घटक दलों ने वामपंथियों के साथ मंच साझा किया। इस आंदोलन में दो विधायकों की शक्ति से लैस एमवीए के अब्बू आज मी भी थे।

छोटे-छोटे गुटों का मंच साझा करनेवाले एमवीए के अब्बू आजमी को जब बड़ा मंच और सुननेवाले मिले तो वे जामे से बाहर हो गए। यह आंदोलन 25 जनवरी का है। भाजपा का आरोप है कि एमवीए के अब्बू आजमी जब मंच पर चढ़े और उनके हाथ माइक आया तो वे प्रधानमंत्री के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणियां करने और आंदोलन में लाए गए लोगों को उकसाने का कार्य करने लगे।

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मुंबई के कांदीवली पूर्व से भाजपा के विधायक अतुल भातखलकर ने अब्बू आजमी की इस हरकत के विरुद्ध केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से शिकायत की है। विधायक ने गृहमंत्री को एक पत्र लिखा है। उनका आरोप है कि, प्रधानमंत्री के विरुद्ध बेहद अपमानजनक और धमकी देनेवाला अबू आसिम आजमी का भाषण अत्यंत गंभीर है। अबू के इस भड़काऊ भाषण के दूसरे दिन दिल्ली में तथाकथित किसानों की परेड ने हिंसा की राह अपना ली। वहां किसान आंदोलन के बहाने लाल किले पर राष्ट्र ध्वज का अपमान और आतंकी खालिस्तानियों का ध्वज फहराया गया। इसके लिए आवश्यक है कि अबू आजमी की जांच की जाए और उनके इस भाषण के पीछे कौन है इसकी भी जांच की जाए।

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विवादों के अब्बू आजमी

  • 2017 में सुचित्रा कृष्णमूर्ति ने मस्जिद में भोंगे से अजान दिये जाने पर टिप्पणी की थी। सुचित्रा ने सुबह 4.45 बजे दिये जाने वाली अजान को उत्तेजित करनेवाला बताया था। जिसका विरोध करते हुए आजमी ने कहा था कि देश पर कलाकारों का कोई अधिकार नहीं है। लाऊड स्पीकर से अजान जारी रहेगी।

  • 2017 में जाकिर नाईक के प्रतिबंधित इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के इस्लामिक इंटरनेशनल स्कूल का कर रहे हैं संचालन।
  • 2017 में बैंगलुरू में नए साल के स्वागत में महिलाओं से अश्लील हरकत किये जाने की घटना पर विवादास्पद बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि, जब कुछ महिलाएं आधे कपड़ों में देर रात सड़कों पर अपने मित्रों के साथ निकलती हैं तो ऐसी घटनाएं घटती रहेंगी।
  • 2014 में महिला और पुरुष के संबंधों पर सजा देने का दिया था विवादास्पद बयान।

 

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