किसान यूनियन आंदोलन: ये अपराध टूलकिट का हिस्सा तो नहीं?

दिल्ली की सीमाओं पर पिछले 11 महीनों से चल रहे किसान यूनियन आंदोलन एक से एक घृणित अपराधों का साक्षी बना है। परंतु, अब इस आंदोलन ने निर्ममता की सीमाएं लांघ दी हैं। आंदोलन स्थल पर एक 35 वर्षीय शख्स को हाथ काटकर, पैर तोड़कर लटका दिया गया। इन अपराधों के घटने से अब प्रश्न उठने लगा है कि क्या यह भी आंदोलन के टूलकिट का हिस्सा है?

किसान यूनियन आंदोलन घृणित अपराधों का अड्डा बन गया है। हत्या, बलात्कार जैसी कई घटनाएं 11 महीनों में कई घटी हैं, परंतु अब इन हत्याओं के घटने का जो क्रम है उससे शंका उत्पन्न होने लगी है।

ये भी पढ़ें – और कितने लोगों की बलि लेगा किसान आंदोलन? अब हुआ ऐसा

टूलकिट से क्या संबंध
किसान आंदोलन को लेकर फरवरी 2020 में पॉप गायिका रिहाना और पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने समर्थन के लिए ट्वीट किया था। इसके बाद ग्रेटा ने अपने ट्वीट में एक टूलकिट संलग्न कर दिया था। इसका भंडाफोड़ होने के बाद इस पर चर्चा गर्म हो गई।

यह है षड्यंत्र
सिंघू सीमा पर निहंगों द्वारा हत्या किये जाने की सूचना मिलते ही लोगों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। जिसमें वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश सिंह नामक एक वरिष्ठ पत्रकार ने लिखा है कि, यह घटनाएं केंद्र सरकार को यह प्रेरित करने के लिए की जा रही हैं, जिससे केंद्र सरकार कार्रवाई करते हुए किसान यूनियन के लोगों को जोर जबरदस्ती आंदोलन स्थल से हटाए।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here