दोस्त दोस्त न रहा? चीन का पाकिस्तान की नई योजनाओं को मंजूरी देने से इनकार, ये है कारण

चीन ने 500 किलोवोल्ट ट्रांसमिशन लाइन बनाने के पाकिस्तान के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया है। इस परियोजना के तहत ग्वादर बंदरगाह को कराची से राष्ट्रीय बिजली ग्रिड से जोड़ा जाना था।

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पाकिस्तान में व्याप्त राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा की चिंता ने चीन को बैकफुट पर ला दिया है। अब चीन ने पाकिस्तान में नई योजनाओं को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है।

चीन और पाकिस्तान की दोस्ती को लेकर खासी चर्चाएं होती हैं। चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरीडोर को चीन के बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। अब चीन का पाकिस्तान में इस परियोजना से मोह भंग हो गया है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट का दावा है कि राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं की वजह से चीन ने पाकिस्तान में नई परियोजनाओं को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही नई बेल्ट और रोड परियोजनाओं के प्रस्तावों को खारिज कर दिया है। चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरीडोर के लिए प्राथमिक निर्णय लेने वाली संस्था की बैठक में तय हुआ कि इस कॉरिडोर के दायरे को बढ़ाने से जुड़े पाकिस्तान के सुझावों को मंजूरी नहीं दी जाएगी।

500 किलोवोल्ट ट्रांसमिशन लाइन बनाने के पाकिस्तान के प्रस्ताव को भी मंजूरी नहीं
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन ने 500 किलोवोल्ट ट्रांसमिशन लाइन बनाने के पाकिस्तान के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया है। इस परियोजना के तहत ग्वादर बंदरगाह को कराची से राष्ट्रीय बिजली ग्रिड से जोड़ा जाना था। इससे अलग चीन ने पाकिस्तान से जोर देकर कहा कि वह ग्वादर में 300 मेगावाट के कोयले से चलने वाले बिजली संयंत्र को लेकर अपनी आपत्तियों को छोड़ दे। साथ ही घरेलू कोयले के प्रयोग के साथ इस योजना के बनाए रखने की वकालत की है।

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सुरक्षा चिंता बड़ा कारण
रिपोर्ट में पाकिस्तान की तरफ से चीन के साथ साझा किए गए ड्राफ्ट और दोनों पक्षों की तरफ से हस्ताक्षरित मसौदे में असमानताओं का जिक्र भी किया गया है। इसमें कहा गया है कि अप्रैल 2022 में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार गिरने के बाद से ही पाकिस्तान में राजनीतिक उथल-पुथल से जूझ रहा है। इसके अलावा, सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बरकरार हैं। आतंकियों ने चीनी हितों को कई बार निशाना बनाया है। चीनी इंजीनियरों पर घात लगाकर हमले हो रहे हैं। आए दिन होते आत्मघाती बम विस्फोटों ने सुरक्षा स्थिति को और खराब कर दिया है।

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