वसूली 100 करोड़ की: देशमुख का ‘कुंदन’ बताएगा वो राज की बात?

सौ करोड़ रुपए की वसूली के प्रकरण में बॉम्बे उच्च न्यायालय ने सीबीआई को प्राइमरी इन्वेस्टिगेशन करने का आदेश दिया है। इसकी जांच रिपोर्ट एजेंसी को पंद्रह दिनों में पूरी करनी है।

मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा लगाए गए 100 करोड़ रुपए की वसूली करवाने वाले आरोप में सीबीआई प्राइमरी इन्वेस्टिगेशन (पीई) कर रही है। इस प्रकरण में एजेंसी ने पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के स्वीय सचिव कुंदन शिंदे और संजीव पालांडे को समन भेजा है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार रविवार को ही इन दोनों का बयान सीबीआई दर्ज कर सकती है। इस पूछताछ में क्या कुंदन वसूली के महाजाल के बारे में पूरी जानकारी सीबीआई को देगा इसको लेकर सबका ध्यान केंद्रित है।

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सौ करोड़ रुपए की वसूली के प्रकरण में इसके पहले परमबीर सिंह और सोशल सर्विस ब्रांच के सहायक पुलिस आयुक्त संजय पाटील का बयान सीबीआई दर्ज कर चुकी है। सूत्रों के अनुसार इस पूछताछ में केंद्रीय एजेंसी को परमबीर सिंह ने बताया था कि पालांडे ने ही संजय पाटील और डीसीपी राजू पाटील को 100 करोड़ रुपए वसूल करने के लिए कहा था। इसमें मुंबई के प्रत्येक बार से 2 से 3 लाख रुपए की अपेक्षा गृह मंत्री अनिल देशमुख की है ऐसा इन अधिकारियों को पालांडे ने कहा था।

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उस बारवाले पर भी तिरछी नजर
पूर्व गृह मंत्री पर लगे सौ करोड़ की वसूली के आदेश वाले आरोप में बोरीवली का एक बार मालिक भी जांच एजेंसियों के निशाने पर है। इससे सीबीआई पूछताछ कर सकती है। इस बार मालिक का नाम उस समय इस प्रकरण से जुड़ा था जब गिरगांव के एक बीयर बार पर एनआईए नि पिछले सप्ताह छापा मारा था। इस कार्रवाई में एजेंसी को एक डायरी मिली थी। इस डायरी में बहुत सारे आंकड़े लिखे गए थे। इसमें एक नाम भी था जो बारीवली के बार मालिक का है।

 

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