समुद्री संपत्ति की रक्षा के 43 साल!

भारतीय तटरक्षक दल देश की समु्द्री संपत्तियों और अवैध गतिविधियों से देश को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

देश की समुद्री संपत्ति को सुरक्षित रखने की लिए भारतीय तटरक्षक दल की स्थापना की गई। इसमें तेल, जैव संपदा, खनिज, पर्यावरण और नौसेना की सहायता सम्मिलित है। इसके अलावा समुद्र में फंसे नाविकों की सहायता करना, अवैध मछली मारने पर रोक, तस्करी और नशीले पदार्थों के आवागमन पर लगाम लगाना शामिल है। पर्यावरण की रक्षा, विलुप्त प्रजातियों की रक्षा के साथ ही साथ तटरक्षक दल, नौसेना के लिए वैज्ञानिक जानकारियां एकट्ठा करता है और युद्ध की परिस्थिति में सहायक के रूप में दुश्मन से मुकाबला भी करता है।

भारतीय तटरक्षक दल (कोस्ट गार्ड) की स्थापना 1 फरवरी, 1977 को हुई थी। भारतीय नौसेना 1960 से ही समुद्री कानून प्रवर्तन एजेंसी की स्थापना की मांग कर रही थी। जिसके अनुरूप लगभग 17 वर्षों बाद इसकी पूर्ति हुई।

भारतीय तटरक्षक दल के पास सर्फेस इकाई और एयर क्राफ्ट है। इसमें ऑफशोर पेट्रोल वेसेल विक्रम क्लास, समर्थ क्लास, समर क्लास, संकल्प क्लास, विश्वस्त क्लास, प्रदूषण नियंत्रण वेसल, प्रियदर्शिनी क्लास, सरोजिनी नायडू क्लास, रानी अब्बक्का क्लास शामिल है।

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