दुनिया भर में 11वां योग दिवस (Yoga Day) मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी (Prime Minister Modi) विशाखापत्तनम (Visakhapatnam) में 3 लाख लोगों और 40 देशों के राजदूतों (Ambassadors) के साथ योग दिवस मना रहे हैं। इस बार योग की थीम ‘एक धरती, एक स्वास्थ्य योग’ (One Earth, One Health Yoga) है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “योग का मतलब है जोड़ना। और यह देखकर खुशी होती है कि योग ने पूरी दुनिया को कैसे जोड़ा है। तनाव, अशांति और अस्थिरता से गुजर रही दुनिया योग के जरिए शांतिपूर्ण रास्ता खोज सकती है।”
योग शांति का रास्ता दिखाता है
“जिस दिन भारत ने संयुक्त राष्ट्र में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता देने का प्रस्ताव रखा, दुनिया के 175 देशों ने सबसे कम समय में हमारे प्रस्ताव का समर्थन किया। आज की दुनिया में ऐसा समर्थन आम बात नहीं है। यह सिर्फ एक प्रस्ताव का समर्थन नहीं था। यह मानवता की भलाई के लिए दुनिया का सामूहिक प्रयास था। आज दुनिया में अशांति और अस्थिरता बढ़ने के समय में योग शांति का रास्ता दिखाता है।”
Yoga isn't just an exercise. It is a way of life. Wonderful to join this year's Yoga Day celebrations in Visakhapatnam. https://t.co/ReTJ0Ju2sN
— Narendra Modi (@narendramodi) June 21, 2025
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सर्वे भवन्तु सुखिनः
इस महत्वपूर्ण अवसर पर मैं विश्व समुदाय से अनुरोध करना चाहता हूं कि योग केवल एक व्यक्तिगत अभ्यास न रह जाए, बल्कि वैश्विक भागीदारी का माध्यम बने। योग को सार्वजनिक नीति का हिस्सा बनाएं। जब लोग किसी लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध होते हैं, तो हमें उस लक्ष्य को प्राप्त करने से कोई नहीं रोक सकता। इस कार्यक्रम में आपके प्रयास दिखाई दे रहे हैं। जब व्यक्ति अपने हितों से परे जाकर समाज के बारे में सोचता है, तभी पूरी मानवता का कल्याण होता है। भारत की संस्कृति हमारे लिए सर्वे भवन्तु सुखिनः है।
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि मैं विश्व से अनुरोध करता हूं कि योग दिवस के इस अवसर पर हम मानवता के लिए 2.0 की शुरुआत करें। जहां आंतरिक शांति वैश्विक नीति बन सके।
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