रूस के लिए आसान नहीं आगे की राह, यूक्रेनी सेना ऐसे खड़ी कर रही है मुश्किलें!

मारियुपोल में युद्ध के दौरान ध्वस्त और क्षतिग्रस्त हुई इमारतों का मलबा हटाकर उनकी मरम्मत या पुनर्निर्माण की तैयारी हो रही है।

यूक्रेन पर रूस के हमले के 100 दिन बाद भी यूक्रेनी सैनिक जांबाजी से लड़ रहे हैं। डोनबास के सबसे बड़े शहर सीविरोडोनेस्क के ज्यादातर इलाकों पर रूसी सेना के कब्जे के बाद यूक्रेन के सैनिकों ने खेरसान में पलटवार करते हुए कुछ गांवों को वापस छीन लिया है। वहीं लुहांस्क के लिसिचांस्क शहर में भीषण लड़ाई जारी है। वहां रूसी सेना आगे बढ़ रही है।

यूक्रेन की सुरक्षा परिषद के सचिव ओलेक्सी दानिलोव ने कहा है कि डोनबास (लुहांस्क और डोनेस्क) में रूसी सेना लगातार गोलाबारी कर रही है।

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युद्ध में 90 प्रतिशत से अधिक इमारतें ध्वस्त
सीविरोडोनेस्क में लड़ रहे यूक्रेनी नेशनल गार्ड के कमांडर पेट्रो कुसिक ने कहा कि रूसी टैंकों और तोपों के हमले कम करने के लिए उनके जवान रूसी सेना से सड़कों पर नजदीक जाकर लड़ रहे हैं। इसमें हमें सफलता मिल रही है। कई स्थानों पर नेशनल गार्ड ने रूसी सेना को पीछे भी धकेला है। मारियुपोल की तरह सीविरोडोनेस्क में रूसी हमलों से भारी नुकसान हुआ है। यहां की 90 फीसदी से अधिक इमारतें ध्वस्त हो गई हैं या फिर उन्हें भारी नुकसान हुआ है। दोनों पक्षों के हजारों लोग भी मारे गए हैं।

मरम्मत या पुनर्निर्माण की तैयारी
इधर, मारियुपोल में युद्ध के दौरान ध्वस्त और क्षतिग्रस्त हुई इमारतों का मलबा हटाकर उनकी मरम्मत या पुनर्निर्माण की तैयारी हो रही है। यहां ज्यादातर इमारतों के मलबे से 50 से 100 शव मिल रहे हैं। हफ्तों चली भीषण लड़ाई के बाद रूसी सेना मई में शहर पर कब्जा कर पाई थी। इस दौरान हुई रूसी सेना की गोलाबारी और बमबारी से मारियुपोल की 90 फीसदी इमारतें ध्वस्त या बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थीं।

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