ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद देश के अंदर भी सुरक्षा काफी बढ़ गई है। सुरक्षा एजेंसियों (Security Agencies) के साथ-साथ राज्य पुलिस (Police) भी कई ऐसे लोगों को गिरफ्तार (Arrested) कर रही है जो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी और आईएसआई (ISI) के लिए काम कर रहे हैं। यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के पाकिस्तान से संबंध उजागर होने के बाद कई राज्यों में पाकिस्तानी जासूसों की गिरफ्तारी हो रही है।
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने वाले भारतीय सेना के जवान गुरप्रीत सिंह (Gurpreet Singh) और उसके साथी साहिल मसीह (Sahil Masih) को पिछले दो महीने में 2 लाख रुपये मिले थे। यह रकम ऑनलाइन ट्रांसफर की गई थी, जिसे गुरप्रीत ने अपने साथी साहिल के बैंक खाते में जमा करा दिया था। यह भी पता चला है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान गुरप्रीत ने कई सैन्य ठिकानों की जानकारी आईएसआई को भेजी थी। उधर, अदालत ने दोनों आरोपियों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। एसएसपी मनिंदर सिंह ने बताया कि जांच में पता चला है कि गुरप्रीत सिंह जम्मू के अलावा दिल्ली कैंट और मेरठ कैंट में भी अपनी ड्यूटी कर चुका है।
अमृतसर –
जासूसी में पकड़ा गया गुरप्रीत सिंह भारतीय सेना में जवान है। साल 2016 में फौज में भर्ती हुआ। शक है कि उसने पद का दुरुपयोग कर खुफिया जानकारी जुटाई और ISI को भेजी। गुरप्रीत के दोस्तों, रिश्तेदारों, जानकारों के खाते में ISI द्वारा पैसे भेजने की पुष्टि पुलिस ने की है। https://t.co/SbKQprDX3T pic.twitter.com/jz8AI31BVa
— Sachin Gupta (@SachinGuptaUP) June 23, 2025
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गद्दारों ने पैसे देकर भारतीय सेना की महत्वपूर्ण जानकारी दे दी
जांच के दौरान यह भी पता चला है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दोनों गद्दारों ने भारतीय सेना की कई अहम जानकारियां पाकिस्तान तक पहुंचाई थीं। क्योंकि आरोपी गुरप्रीत उस समय जम्मू में तैनात था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आरोपी जम्मू से सटी सीमा पर भारतीय सेना की हर गतिविधि की जानकारी पाकिस्तान को दे रहा था।
आईएसआई से मिलती थी मोटी रकम
दोनों आरोपी जम्मू के अलावा गुरदासपुर, पठानकोट आदि जगहों पर भी सेना के ठिकानों की जानकारी आईएसआई को मुहैया कराते थे। इसके बदले में आरोपियों को आईएसआई की ओर से मोटी रकम दी जाती थी। आईएसआई को जानकारी मुहैया कराने के बाद हवाला कारोबारी आरोपियों को पैसे भेजते थे। इस मामले में आरोपी साहिल मसीह पैसे लेता था। इसके बाद दोनों इसे आपस में बांट लेते थे।
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