जेफ बेजोस ने क्यों चुना अंतरिक्ष यात्रा के लिए 20 जुलाई का दिन? ये हैं खास बातें

ये एक ऐतिहासिक उड़ान है, जो पर्यटन की नई कहानी लिखेगा। जिसमें इंसान ऊंचाइयों की उड़ान के साथ पर्यटन भी करेंगे

अब तक अंतरिक्ष पर्यटन की बात होती थी। अब वह सच हो गया। अमेजॉन के पूर्व सीईओ जेफ बेजोस अंतरिक्ष में यात्रा के लिए निकल गए। यह यात्रा कैप्सूल में बैठकर तय की गई, जो ऑटोमैटिक है। यह यात्रा 11 मिनट में पूरी हुई। लेकिन बड़ी बात है कि इसके लिए 20 जुलाई का ही दिन क्यों चुना?

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20 जुलाई के ही दिन अपोलो 11 चांद पर उतरा था
यह उस ऐतिहासिक लैंडिंग की 52वीं वर्षगांठ
इस लिए अंतरिक्ष पर्यटन के नए इतिहास को रचने के लिए हुआ चयन
जेफ बेजोस के साथ उनके भाई मार्क बेजोस, नासा की पूर्व एस्ट्रोनॉट वैली फंक और 18 वर्षीय ओलिवर भी साथ
इसने 110 किलोमीटर तक उड़ान भरी
कैप्सूल रॉकेट से पहले ही अलग होकर वापस लैंड
अंतरिक्ष की सीमा तक जाकर पृथ्वी पर वापसी
न्यू शेफर्ड रॉकेट और कैप्सूल का नाम एस्ट्रोनॉट एलन शेफर्ड के नाम
एलन शेफर्ड अंतरिक्ष में पहुंचनेवाले पहले अमेरिकी
न्यू शेफर्ड कैप्सूल पायलट रहित
इसे कंट्रोल रूम से संचालित किया जाएगा
इसे कमांड की भी आवश्यकता नहीं
न्यू शेफर्ड लॉन्चिंग के 2 मिनट में ध्वनि से तीन गुना गति से बढ़ेगा अंतरिक्ष में
इसकी गति 1029 मीटर प्रति सेकंड और 3704 किलोमीटर प्रति सेकंड होगी
जेफ बेजोस की कंपनी अपनी ब्लू ऑरिजिन कर रही लांच
कुछ मिनट अंतरिक्ष में रहने के बास पृथ्वी पर वापस
लौटते सम गति नियंत्रित करने के लिए पैराशुट की सहायता

 

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