Har Ghar Tiranga 2026: हर घर तिरंगा अभियान के तहत UP का मेगा मिशन, 2 करोड़ तिरंगे बनाने का किया ऐलान

अभियान के प्रभावी संचालन और सतत निगरानी के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय समिति गठित की जाएगी। समिति में मुख्य विकास अधिकारी, उपायुक्त स्वतः रोजगार तथा जिलाधिकारी द्वारा नामित दो अन्य सदस्य शामिल होंगे।

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Mass gathering with Indian flags for Har Ghar Tiranga campaign.
A vibrant display of patriotism during the Har Ghar Tiranga campaign.

Har Ghar Tiranga 2026: उत्तर प्रदेश में आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत आयोजित किए जा रहे ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ को जनभागीदारी, राष्ट्रप्रेम और महिला सशक्तिकरण के उत्सव के रूप में व्यापक स्तर पर सफल बनाने की तैयारियां उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दिशा-निर्देशन में तेज कर दी गई हैं। अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए निर्धारित 2 करोड़ तिरंगों का निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर प्रारंभ हुआ ‘हर घर तिरंगा अभियान’ आज जन-जन के मन में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और तिरंगे के प्रति सम्मान की भावना को और अधिक सशक्त करने वाला जनआंदोलन बन चुका है। यह अभियान देश की एकता, अखंडता और गौरवशाली राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है।

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उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं केवल तिरंगे का निर्माण ही नहीं कर रही हैं, बल्कि अपने श्रम, कौशल और आत्मविश्वास के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित भारत के संकल्प को भी साकार कर रही हैं। ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित तिरंगा उनके आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी का भी प्रतीक बनेगा।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ महिलाओं के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि तिरंगों का निर्माण भारतीय ध्वज संहिता के निर्धारित मानकों के अनुरूप हो तथा स्वयं सहायता समूहों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से भुगतान प्राप्त हो।

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि सहायता समूहों द्वारा निर्मित तिरंगों की गुणवत्ता, भारतीय ध्वज संहिता के मानकों का अनुपालन, समयबद्ध आपूर्ति तथा समूहों को नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित कराया जाएगा।

अभियान के प्रभावी संचालन और सतत निगरानी के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय समिति गठित की जाएगी। समिति में मुख्य विकास अधिकारी, उपायुक्त स्वतः रोजगार तथा जिलाधिकारी द्वारा नामित दो अन्य सदस्य शामिल होंगे।

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जनपदों में तिरंगा निर्माण के लिए दैनिक लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे तथा स्वयं सहायता समूहों द्वारा प्रतिदिन निर्मित तिरंगों की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि जनपदवार निर्धारित लक्ष्य समय से पूर्ण किए जा सकें। तिरंगा निर्माण का कार्य अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कराया जाएगा।

तिरंगों का निर्माण भारतीय ध्वज संहिता के निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाएगा। झण्डा आयताकार तथा 3:2 के अनुपात में होगा। इसमें केसरिया, सफेद और हरे रंग का निर्धारित मानकों के अनुसार प्रयोग किया जाएगा तथा सफेद पट्टी के मध्य 24 तीलियों वाला अशोक चक्र अंकित किया जाएगा। तिरंगा खादी, हाथ से कते अथवा मशीन से बने सूती, पॉलिएस्टर, ऊनी अथवा सिल्क जैसे अनुमन्य कपड़ों से तैयार किया जाएगा। निर्माण के दौरान राष्ट्रध्वज की गरिमा, सम्मान और ध्वज संहिता के सभी प्रावधानों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित तिरंगों की आपूर्ति उपायुक्त स्वतः रोजगार के माध्यम से सीधे ग्राम पंचायतों को कराई जाएगी। आवश्यकता के अनुसार जिलाधिकारी द्वारा नामित विभागों अथवा संस्थाओं को भी तिरंगे उपलब्ध कराए जाएंगे।

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