Gen-Z Protests: मेक्सिको में Gen-Z का गुस्सा फूटा, जानें क्यों हजारों युवा सड़कों पर उतरे

मेक्सिको में यह गुस्सा कई दिनों से सुलग रहा था, लेकिन राष्ट्रपति की सुरक्षा में चूक के बाद युवाओं का सब्र टूट गया। युवाओं का आरोप है कि देश में भ्रष्टाचार चरम पर है और अपराधियों पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है, जिससे आम जनता त्रस्त है।

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श्रीलंका (Sri Lanka), बांग्लादेश (Bangladesh) और नेपाल (Nepal) के बाद, अब दुनिया के एक और देश, मेक्सिको (Mexico) में युवा पीढ़ी (Gen-Z) सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है। मेक्सिको सिटी में एक बार फिर जेन-जी का जबरदस्त गुस्सा देखने को मिला है। यहां हजारों युवा देश में बढ़ते अपराध, भ्रष्टाचार, नशीले पदार्थों की खुलेआम बिक्री और उससे हो रही हिंसा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन (Protests) कर रहे हैं।

यह आंदोलन तब और भड़क गया जब कुछ दिनों पहले राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम के साथ एक शराबी ने सरेआम छेड़छाड़ की। इस घटना ने देश में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। लोगों का कहना है कि जब देश की राष्ट्रपति ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम महिलाओं की क्या स्थिति होगी। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में युवा शामिल हैं, और कई वरिष्ठ नागरिक भी उन्हें समर्थन देने के लिए सड़कों पर उतरे हैं।

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नेपाल की तरह बन सकते हैं हालात?
मेक्सिको में यह गुस्सा कई दिनों से सुलग रहा था, लेकिन राष्ट्रपति की सुरक्षा में चूक के बाद युवाओं का सब्र टूट गया। युवाओं का आरोप है कि देश में भ्रष्टाचार चरम पर है और अपराधियों पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है, जिससे आम जनता त्रस्त है। प्रदर्शनकारी इस समय नेशनल पैलेस (राष्ट्रपति भवन) के सामने जमा हैं और उन्होंने राष्ट्रपति भवन का घेराव कर लिया है।

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल स्थिति को संभाले हुए हैं, लेकिन प्रदर्शनकारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे चिंता बढ़ गई है। गौरतलब है कि हाल ही में नेपाल में भी जेन-जी सड़कों पर उतरी थी, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने संसद सहित कई नेताओं के घर जला दिए थे। कुछ नेताओं को बेरहमी से पीटा गया था, और प्रधानमंत्री सहित कई लोगों को देश छोड़कर भागना पड़ा था।

आंदोलनकारियों की मांग क्या है?
आंदोलनकारी मुख्य रूप से आंतरिक सुरक्षा पुख्ता करने, अपराधियों पर नकेल कसने और सरकारी दफ्तरों में बैठे भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

43 वर्षीय डॉक्टर अरिज़बेथ गार्सिया ने सार्वजनिक सुरक्षा पर अधिक धन और भर्ती प्रक्रिया लागू करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मेक्सिको में डॉक्टर भी सुरक्षित नहीं हैं।

मिचोआकान के मेयर की हत्या से भड़का गुस्सा
इस गुस्से की एक बड़ी वजह मिचोआकान शहर के मेयर कार्लोस मान्जो की 1 नवंबर को हुई हत्या भी है। मेयर कार्लोस अपने शहर में ड्रग्स माफिया के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे। इससे नाराज ड्रग्स माफिया ने उनकी हत्या कर दी।

जनता के लिए लड़ने वाले एक नेता की इस तरह हत्या हो जाने से युवाओं का गुस्सा उबल पड़ा। युवा सवाल कर रहे हैं कि अगर इतने महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति की सुरक्षा नहीं हो सकती, तो पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का क्या फायदा? प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति शीनबाम की सुरक्षा नीतियों की जमकर आलोचना कर रहे हैं। इस हत्या के बाद राजनीतिक दल भी डरे हुए हैं और उन्होंने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है।

देखें यह वीडियो – 

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