लॉकडाउन में ढील के बाद बढ़ गई महिलाओं के खिलाफ हिंसा? जानें, क्या कहता है पुलिस का आंकड़ा

पिछले साल जनवरी से जुलाई के बीच रेप की कुल 377 घटनाएं हुईं। इनमें से 299 मामलों में आरोपी गिरफ्तार किए गए।

साकीनाका में हाल ही में हुई रेप की घटना के बाद महिला सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर से सामने आ गया है। इस मामले में मुंबई पुलिस की ओर से दिए गए एक आंकड़े से चौंकाने वाली जानकारी का खुलासा हुआ है। इन आंकड़ों से साफ है कि मुंबई में लॉकडाउन में ढील के बाद महिलाओं पर अत्याचार की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। जनवरी से जुलाई 2021 तक सात महीने की अवधि में मुंबई में बलात्कार के लगभग 750 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि छेड़छाड़ के कुल 1,100 मामले दर्ज किए गए। यह आंकड़ा महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा देता है।

सात महीने में बढ़े अपराध
साकीनाका में महिला के साथ हुए अमानवीय व्यवहार से पूरे राज्य में आक्रोश की लहर दौड़ गई है। घटना में पीड़िता की मौत हो गई। राज्य में पिछले साल से ही कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन था। इससे सड़क और बाहर की भीड़भाड़ में काफी कमी आई है। लेकिन जनवरी के बाद से प्रतिबंधों में ढील देने के बाद एक बार फिर महिलाओं के खिलाफ हिंसा में वृद्धि देखी है।

इतने अपराधों का रिकॉर्ड
पिछले साल जनवरी से जुलाई के बीच रेप की कुल 377 घटनाएं हुईं। इनमें से 299 मामलों में आरोपी गिरफ्तार किए गए। लेकिन 2021 में इसी सात महीने की अवधि में बलात्कार के मामलों में भारी वृद्धि हुई। जनवरी से जुलाई 2021 के बीच कुल 550 ऐसे मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 445 मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।

छेड़खानी की घटनाएं भी बढ़ीं
साल 2021 में रेप के मामलों के साथ-साथ छेड़खानी की संख्या में भी इजाफा हुआ है। 2020 के पहले सात महीनों में छेड़छाड़ के कुल 985 मामले दर्ज किए गए। लेकिन 2021 में इसी अवधि में यह संख्या बढ़कर 1,100 हो गई है। इसमें बड़ी संख्या में कम उम्र की लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार भी शामिल है। पूरे 2020 के दौरान रेप के 767 मामले और छेड़छाड़ के 1945 मामले दर्ज किए गए।

ये भी पढ़ेंः ऑनलाइन शिक्षा में गणित की लगी ‘वाट’! बाकी विषयों को लेकर भी बढ़ी चिंता

नाबालिग लड़कियां शिकार
आंकड़े बताते हैं कि बड़ी संख्या में कम उम्र की लड़कियां उन पुरुषों द्वारा किए गए अत्याचारों की शिकार होती हैं जो बलात्कार जैसी कायराना हरकतें करते हैं। इस साल मुंबई में रेप की 550 घटनाओं में 323 कम उम्र की लड़कियों के साथ रेप और 227 वयस्क महिलाओं के साथ रेप हुआ है. पॉक्स एक्ट के तहत पहले सात महीनों में छेड़छाड़ के कुल 243 मामले दर्ज किए गए हैं।

दहेज से संबंधित अपराध
दावा किया जाता है कि दहेज की घिनौनी प्रथा को समाप्त कर दिया गया है, लेकिन  सच यह है कि यह अभी समाप्त नहीं हुआ है, जैसा कि दहेज की घटनाओं से स्पष्ट है। मुंबई में दहेज से संबंधित 397 महिलाओं ने पुलिस थानों में शिकायत दर्ज कराई हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here