उपराष्ट्रपति ने बताए वित्तीय स्थिरता एवं आर्थिक विकास के खतरे, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से की यह अपील

धनखड़ ने रेखांकित किया कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की अनूठी भूमिका में किसी भी तरह की कमी से देश की अर्थव्यवस्था और वित्तीय स्वास्थ्य पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा।

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फाइल चित्र

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) ने 24 नवंबर को चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (Chartered Accountants) को एमआरआई और सीटी स्कैन के आर्थिक स्वरूप में वर्णित किया। धनखड़ ने रेखांकित किया कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की अनूठी भूमिका में किसी भी तरह की कमी से देश की अर्थव्यवस्था (economy) और वित्तीय स्वास्थ्य पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा।

वित्तीय स्थिरता एवं आर्थिक विकास के खतरे
गुजरात के गांधीनगर में ‘वैश्विक व्यावसायिक लेखाकार सम्मेलन’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने इस बात पर बल दिया कि कर चोरी और वित्तीय धोखाधड़ी अर्थव्यवस्था की वित्तीय स्थिरता एवं आर्थिक विकास को खतरे में डालती है। उन्होंने सम्मेलन में उपस्थित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से कहा, “प्रहरी के रूप में आपकी क्षमता इन्हें नियंत्रित करने में काफी सक्षम है।”

उन्होंने कहा कि एक कर प्रणाली को कर पेशेवर अच्छी या जटिल बनाते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि सभी चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सुगमता और पारदर्शिता बढ़ाने वाली सर्वोत्तम प्रथाओं को बेंचमार्क करने में वैश्विक नेतृत्व बनने की प्रतिज्ञा लें।

कर नियोजन के पक्ष में सुझाव दें
उपराष्ट्रपति ने कहा, “कर नियोजन पर सलाह देना आपका क्षेत्र है। लेकिन इस क्षेत्र में एक बहुत बारीक रेखा है। इसका विस्तार कर धोखाधड़ी और कर चोरी तक नहीं होना चाहिए।” उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को कर नियोजन और कर चोरी के बीच इस पतली रेखा का संरक्षक बताते हुए उनसे कहा, “हमेशा कर नियोजन के पक्ष में सुझाव दें और कर चोरी की निंदा करें।”

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