Vibrant Gujarat: ग्लोबल ग्रीन हाइड्रोजन कैपिटल बनने की ओर अग्रसर गुजरात, जानिये कितने के एमओयू पर हुए हस्ताक्षर

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गुजरात सरकार जनवरी में दसवें वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट की तैयारी कर रही है। अब तक 6 अंतरराष्ट्रीय और 8 राष्ट्रीय स्तर के रोड शो और प्रतिनिधिमंडल के दौरे किए जा चुके हैं। इन रोड शो से प्रतिनिधिमंडल विभिन्न क्षेत्रों में वन-टू-वन मीटिंग्स, राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस और सेमिनार के माध्यम से 1000 से अधिक कंपनियों जुड़ चुके हैं।

गुजरात सरकार के माहिती विभाग के अनुसार वेलस्पन और किरी इंडस्ट्रीज जैसी भारतीय कंपनियों ने गुजरात से यूरोप तक ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया के निर्यात की सुविधा के लिए लिली नेविटास (जर्मनी) और सुंड्रोनिक्स (जर्मनी) के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए। शिपिंग के लिए ग्रीन फ्यूल की विशाल संभावनाओं को देखते हुए, शक्ति समूह ने गुजरात में ग्रीन मेथनॉल और ग्रीन इथेनॉल के प्रोडक्शन हेतु 1,000 करोड़ रुपए के निवेश के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।

भूमि आवंटन नीति की घोषणा
गुजरात सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन प्रोडक्शन की दिशा में आगे बढ़ते हुए भूमि आवंटन नीति की भी घोषणा की है जो राज्य को ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट्स में निवेश के लिए कई प्रकार के प्रोत्साहन की पेशकश करती है। इस नीति के अनुसार, ग्रीन हाइड्रोजन कंपनियों को अपने प्लान्ट्स शुरू करने के पांच साल के भीतर प्लान्ट की प्रोडक्शन कैपिसिटी का 50% हासिल करना होगा और आठ साल के भीतर 100% ग्रीन हाइड्रोजन प्रोडक्शन की कैपेसिटी हासिल करनी होगी। इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए गुजरात सरकार ने फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर की प्रमुख वैश्विक कंपनियों और मुंबई, नई दिल्ली, कोलकाता और चंडीगढ़ की नेशनल एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन कंपनियों के साथ कई बैठकें कीं। प्रतिनिधिमंडल ने ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन एनर्जी सेक्टर के लिए गुजरात के विजन को साझा किया और गुजरात में उपलब्ध विभिन्न अवसरों पर चर्चा की।

ग्लोबल ग्रीन हाइड्रोजन कैपिटल बनने को अग्रसर
चर्चा के दौरान जिन कंपनियों ने निवेश में रुचि दिखाई, वे ऑल्टरनेटिव फ्यूल प्रोडक्शन, गैस/टेक्नोलॉजी से संबंधित इन्फ्रास्ट्रक्चरल सॉल्यूशन्स, लीथियम-आयन बैटरी मैन्युफैक्चरिंग, सोलर पीवी मॉड्यूल्स मैन्युफैक्चरिंग, डिकार्बनाइजेशन इनीशियेटिव्स और ग्रीन हाइड्रोजन प्रोडक्शन जैसे विभिन्न सब-सेक्टर्स की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। साथ ही, डेनिश मेरीटाइम कंपनियों ने भी गुजरात के पोर्ट्स से ग्रीन मेथनॉल और ग्रीन इथेनॉल खरीदने में रुचि व्यक्त की है। गुजरात की इन्वेस्टर फ्रेंडली पॉलिसीज़, वीजीजीएस 2024 की अगुवाई में हस्ताक्षरित एमओयू और राज्य में अब तक आकर्षित निवेश गुजरात के लिए ग्लोबल ग्रीन हाइड्रोजन कैपिटल बनने का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।

रिन्यूएबल एनर्जी कैपसिटी में 15 फीसदी का योगदान
गुजरात वर्तमान में देश की रिन्यूएबल एनर्जी कैपसिटी में 15 फीसदी का योगदान देता है, यह सबसे तेजी से बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी प्रोड्यूसिंग एरियाज़ में से एक है। इसके अलावा, गुजरात सरकार ने हाल ही में रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी 2023 भी लॉन्च की है। यह नीति राज्य को अपनी ऊर्जा का 50 फीसदी जरूरत रिन्यूएबल एनर्जी सोर्सेस से हासिल करने के लिए सक्षम बनाएगी, जो 2030 तक कार्बन उत्सर्जन को 45 फीसदी तक कम करने के भारत के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होगी।

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