Uttarakhand: मुख्यमंत्री श्रमिकों के परिजनों के साथ मनाएंगे दिवाली, खुदाई करने वालों को मिलेगी ‘इतने’ हजार की प्रोत्साहन राशि

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सुरंग में फंसे श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालने के अभियान पर निरंतर नजर रखे हुए थे और वह श्रमिकों की कुशलता को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे।

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सिलक्यारा सुरंग से रेस्क्यू किए गए श्रमिकों का हाल-जानने के लिए 29 नवंबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिन्यालीसौड़ पहुंचे। धामी ने रेस्क्यू की सफलता की खुशी में 29 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास पर श्रमिकों के परिजनों के साथ दिवाली मनाने की घोषणा की है। रेस्क्यू किए गए सभी श्रमिकों को हेलीकाॅप्टर से ऋषिकेश के एम्स पहुंचा दिया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिन्यालीसौड़ पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती हर श्रमिक से मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने डॉक्टरों से श्रमिकों के स्वास्थ्य लाभ व चिकित्सा उपचार की भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में श्रमिकों को दी जा रहीं विभिन्न सुविधाओं का भी जायज़ा लिया। उन्होंने श्रमिकों के हौसलों की सराहना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने टनल से रेस्क्यू किए गए प्रत्येक श्रमिक को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि के चेक भी सौंपे। मुख्यमंत्री धामी ने रेस्क्यू ऑपरेशन के अंतिम दौर में पाइप पुशिंग के लिए रैट माइनिंग तकनीक से मैन्युअल खुदाई करने वाले श्रमिकों को भी 50-50 हज़ार की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।

सुरंग हादसे के कारण नहीं मना सके थे दिवाली
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सुरंग हादसे के चलते हम सब इस बार दिवाली नहीं मना सके थे, अब सभी श्रमिकों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिये जाने के बाद बुधवार को दिवाली का जश्न मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के परिजनों को देहरादून मुख्यमंत्री आवास पर दिवाली मनाने के लिए आमंत्रित किया है।

राज्य सरकार ने निभाया वचन
मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू किए गए श्रमिकों में से टनकपुर, चंपावत के पुष्कर की माता से मोबाइल पर बात की और उन्हें पुष्कर के स्वस्थ होने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी श्रमिकों को सकुशल बचाकर राज्य सरकार ने अपना वचन निभाया है। मुख्यमंत्री ने पुष्कर की माता को बताया कि पुष्कर के साथ ही सभी श्रमिक सुरक्षित हैं। जल्द ही हायर सेंटर में जांच के उपरांत पुष्कर सहित अन्य श्रमिकों को उनके घर भेज दिया जाएगा।

श्रमिकों से की मुलाकात
मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू किए गए श्रमिकों के परिजनों से भी मुलाकात की। उन्होंने श्रमिकों के साहस, मनोबल और परिजनों के धैर्य के साथ ही रेस्क्यू अभियान में शामिल सभी एजेंसियों व कार्मिकों की अनथक मेहनत को इस अभियान की सफलता का आधार बताया।

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प्रधानमंत्री की प्रशंसा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सुरंग में फंसे श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालने के अभियान पर निरंतर नजर रखे हुए थे और वह श्रमिकों की कुशलता को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में श्रमिकों के अनमोल जीवन को बचाने की सरकार की वचनवद्धता और परिजनों के साथ ही जनता के अटूट विश्वास ने इस बेहद जटिल, चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरे बचाव अभियान को कामयाब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस दौरान गढ़वाल मंडल के कमिश्नर विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी अभिषेक रुहेला, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

इस बीच जानकारी मिली है कि रेस्क्यू किए गए सभी श्रमिकों को एहतियात के तौर पर उच्च चिकित्सकीय परीक्षण के लिए चिनूक हेलीकॉप्टर से ऋषिकेश एम्स पहुंचाया गया है।

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