अंधेरे में डूब जाएगा देश? केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने कही ये बात

देश पर कोयला संकट मंडराने की खबरें कई दिनों से सुर्खियों में हैं। कहा यह भी जा रहा है कि देश के कई भाग कोयला आपूर्ति की कमी के कारण बिजली संकट का सामना कर सकते हैं।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने कहा है कि कोयला संकट के चलते राजधानी दिल्ली और देश के अन्य भागों में बिजली गुल होने की आशंका पूरी तरह गलत है। सिंह ने 10 अक्टूबर को कहा कि दिल्ली में फिलहाल बिजली संकट नहीं है और अगले कुछ दिनों में भी ऐसा नहीं होगा। हमारे पास कोयले का विशाल भंडार है, कोयला संकट के बारे में गलत जानकारी दी जा रही है। बिजली को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है। आरके सिंह ने कहा, ‘हम कोयला भंडार की निगरानी कर रहे हैं। आरके सिंह ने दिल्ली में एक बैठक के बाद यह टिप्पणी की।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने कहा, ‘हमने सभी पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है। दिल्ली में आवश्यक मात्रा में बिजली की आपूर्ति की जा रही है और आगे भी जारी रहेगी।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री का सख्त आदेश
आरके सिंह ने कहा,”मैंने गेल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक से देश भर में बिजली परियोजनाओं को आवश्यक मात्रा में गैस की आपूर्ति जारी रखने के लिए कहा है। उन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि आपूर्ति जारी रहेगी। पहले गैस की कोई कमी नहीं थी, भविष्य में भी नहीं रहेगी। वास्तव में कहीं कोई संकट नहीं है। मैंने टाटा पावर के सीईओ को चेतावनी दी है कि अगर वे ग्राहकों को अवांछित संदेश भेजते हैं तो घबराहट हो सकती है। गेल और टाटा पावर के संदेश गैर जिम्मेदाराना हैं।’

चार दिन का स्टॉक मौजूद
केंद्रीय मंत्री ने दावा किया, ‘आज हमारे पास चार दिनों से अधिक समय के लिए कोयले का औसत भंडार है। हमें हर दिन नए स्टॉक मिल रहे हैं। कल इस्तेमाल किए गए कोयले की उतनी ही मात्रा वापस आ गई है। हालांकि, पहले की तरह कोयले का भंडारण 17 दिनों के लिए नहीं, बल्कि 4 दिनों के लिए किया जाता है। कोयले की यही स्थिति है क्योंकि हमारी मांग बढ़ी है और हमने आयात कम किया है। हम अपनी कोयला उत्पादन क्षमता बढ़ाना चाहते हैं, जिसके लिए हम कार्रवाई कर रहे हैं। मैं केंद्रीय कोयला और खान मंत्री प्रल्हाद जोशी के संपर्क में हूं।’

यह है सच्चाई
“यह तब हमारे संज्ञान में आया था। क्योंकि गेल ने दिल्ली के डिस्कॉम को संदेश भेजा था कि वह एक-दो दिन में बवाना के गैस स्टेशन पर गैस सप्लाई बंद कर देगा। उसने यह संदेश इसलिए भेजा क्योंकि उसका अनुबंध समाप्त हो रहा है। बैठक में गेल के सीएमडी भी मौजूद थे। हमने उनसे कहा है कि अनुबंध समाप्त हो या नहीं, गैस स्टेशन को उतनी ही गैस मिलनी चाहिए जितनी उसे चाहिए।”

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