अब पुलिस की निगाह में आपका एक-एक कदम… जानें पुणे की नाबालिग को कैसे ढूंढा गया

आधुनिक संचार उपकरण का लाभ कैसे उठाया जा सकता है इसका ताजा उदाहरण है पुणे की घटना।

पुणे की 13 वर्षीय नाबालिग लड़की के सपने बड़े हैं। इन सपनों को पूरा करने के लिए वो पुणे के घर से बगैर बताए ही निकल पड़ी। इसके बाद सांगवी पुलिस ने जो कार्रवाई की वह अब चर्चा
में है।

दरअसल, यह बच्ची घूमने की शौकीन है। पुणे के घर से वह बिना किसी को बताए निकल गईथी। इसकी सूचना मिलते ही सांगवी पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी। यह बच्ची सातवीं कक्षा की छात्रा है। उसे घूमना बहुत पसंद है, उस पर एक किताब लिखना चाहती है।

बिना बताए निकल पड़ी
अपनी इच्छा को पूरा करने के लिए वह बिना किसी को बताए घर से निकलने का फैसला किया था। पुणे और मुंबई क्षेत्र में बलात्कार जैसे गंभीर मामले सामने आने से परिवार डर गया था। उसने तत्काल इसकी सुचना पुलिस को दी। सांगवी पुलिस ने गंभीरता से इसकी जांच शुरू की तो सोसायटी में लगे सीसीटीवी से पता चला कि लड़की बाहर जा रही है।

ऐसे मिली हर उठते कदम की दिशा
पुलिस ने घर की सोसायटी से आगे की सीसीटीवी की जांच शुरू की। बच्ची जिस दिशा में जा रही थी वहां के सीसीटीवी की जांच शुरू हुई। इस बीच सहायक पुलिस निरीक्षक सतीश कांबले को पता चला कि वह वाकड से मुंबई की ओर निकली। उन्होंने संबंधित ट्रवेल्स से संपर्क किया और लड़की के बारे में जानकारी ली। उन्होंने एक फोटो दिखाई और उसकी पहचान हो गई। ट्रवेल्स के ड्राइवर ने बताया कि लड़की खारघर में उतरी थी। पुलिस अधिकारी कांबले ने खारघर पुलिस से संपर्क किया, बच्ची की एक तस्वीर भेजी और उनसे उसकी तलाश करने को कहा। इसी बीच देखा गया कि रात करीब 11 बजे के करीब लड़की खारघर के एक होटल के पास ठहरी हुई थी। पुलिस ने तुरंत उससे बात की और सांगवी पुलिस को सूचना दी। उसने पुलिस की सहायता से वीडियो कॉल के जरिए अपने पिता से बात की।

इनकी सक्रियता रंग लाई
पुलिस ने उन्हें यह भी आश्वासन दिया कि आपकी बेटी सुरक्षित है। पुलिस ने कहा कि इस सब से बच्ची का परिवार डर गया है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुनील टोपणे के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस निरीक्षक सतीश कांबले, अरुण नारले, प्रमोद गोडे, अन्ना देवकर, केंगले और गुट्टीकोंड की एक टीम द्वारा जांच की गई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here