राष्ट्र निष्ठा का सम्मान, स्वातंत्र्यवीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक के निवर्तमान सदस्यों का निर्विरोध पुनर्चयन

स्वातंत्र्यवीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक के सदस्यों की चयन प्रक्रिया संपन्न हो गई। इसके परिणाम निर्वाचन अधिकारी ने घोषित कर दिये।

स्वातंत्र्यवीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक, विश्व में वीर सावरकर के कार्य और उनकी राष्ट्र निष्ठा का प्रचार प्रसार करता रहा है। स्मारक की स्थापना काल से विभिन्न विभूतियों ने इसका नेतृत्व किया, जिसमें पिछले 18 वर्षों से स्वातंत्र्यवीर सावरकर के पौत्र रणजीत सावरकर ने कार्यभार स्वीकार किया और कालांतर में उनके साथ नए-नए सदस्य जुड़ते गए और राष्ट्राभिमानी, कर्तव्यनिष्ठ और वीर सावरकर के अनुयायियों की एक बड़ी श्रृंखला बन गई। जिसका कार्यकाल इस वर्ष समाप्त हो रहा था, जिसके लिए स्वस्थ लोकतंत्र की पारदर्शक निर्वाचन प्रक्रिया के अंतर्गत समिति का चुनाव हुआ।

इस निर्वाचन प्रक्रिया में स्वातंत्र्यवीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक के सदस्यों ने निर्विरोध रूप से वर्तमान और कुछ नए सदस्यों को चुना है।

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समिति में निर्विरोध चयनित सदस्य

  • प्रवीण दीक्षित (पूर्व आईपीएस अधिकारी) – अध्यक्ष, स्वातंत्र्यवीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक का दूसरी बार निर्विरोध चयन हुआ।

कार्यकारिणी सदस्य (आश्रयदाता विभाग) निर्विरोध चयन

  • स्वप्निल सावरकर
  • के. सरस्वती
  • विज्ञानेश शंकर मासावकर
  • अभय जोशी
  • कमलाकर गुरव

कार्यकारिणी सदस्य (सामान्य विभाग) निर्विरोध चयन

  • चन्द्रशेखर साने (पुणे)
  • दीपक कानुलकर
  • डॉ.अमित नाबर
  • चिरायु पंडित (वडोदरा)
  • भाग्यश्री सावरकर (पुणे)

सदस्यों के निर्विरोध चयन की घोषणा निर्वाचन अधिकारी संजय जोशी ने की है।

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