Seva Samman 2023: सेवा भारती के कार्यों ने लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है: ओम बिरला

बिरला ने ‘सेवा सम्मान 2023’ से सम्मानित सभी विभूतियों को बधाई दी जिन्होंने जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए नि:स्वार्थ भाव से अपने समय, ऊर्जा और संसाधनों को समर्पित किया है।

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Lok Sabha Speaker Om Birla) ने शनिवार को सेवा भारती (Seva Bharti) के ‘सेवा सम्मान 2023’ (Seva Samman 2023) कार्यक्रम को संबोधित किया। बिरला ने कहा कि सेवा भारती के कार्यों ने लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। उन्होंने सेवा भारती की नि:स्वार्थ सेवा और सामाजिक उत्थान के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की भावना की सराहना करते हुए कहा कि इस संगठन ने सेवा, करुणा, सहानुभूति और समावेशिता के हमारे प्राचीन संस्कारों (Ancient Rituals) और सिद्धांतों (Principles) को अपने कार्य में आत्मसात कर लिया है।

बिरला ने ‘सेवा सम्मान 2023’ से सम्मानित सभी विभूतियों को बधाई दी जिन्होंने जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए नि:स्वार्थ भाव से अपने समय, ऊर्जा और संसाधनों को समर्पित किया है। बिरला ने कहा कि सेवा, संस्कार, समरसता और समृद्धि और नर सेवा ही नारायण सेवा इस मूल मंत्र के साथ ये संगठन समाज के समावेशी विकास के लिए काम करता है और सामूहिक प्रयासों से देश में शांति, समृद्धि और विकास किस प्रकार लाया जाए, इसके लिए काम करता रहा है। सेवा भारती के कार्यों ने अनगिनत लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है।

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लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि कमजोर वर्गों के लिए छात्रावास की व्यवस्था हो, लोगों के लिए चिकित्सा की सुविधा हो, वोकैशनल ट्रेनिंग हो, संगठन ने जनता की जरूरतों को नजदीक से समझा है और उनको पूरा करने के लिए निष्ठा से प्रयास किए हैं। जनता से जुड़े रहना और जरूरतों को समझते हुए उनको पूरा करने के लिए काम करना सेवा भारती की सबसे बड़ी ताकत है।

मानव जीवन और समाज में नैतिकता और मूल्यों के महत्व पर जोर देते हुए बिरला ने कहा कि मानव कल्याण के लिए समर्पण और सेवा का भाव हमारी पुरातन संस्कृति का एक अहम हिस्सा रहा है। इसी संस्कार को हमें आगे बढ़ाना है। हम जीवन में जो भी अर्जित कर रहे हैं, वह केवल नौकरी के उद्देश्य तक सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि यह लोगों में सामाजिक जिम्मेदारी, राष्ट्र और मानवता की सेवा की आदत विकसित करने वाली होनी चाहिए।

अतीत के गौरव को रेखांकित करते हुए बिरला ने कहा कि हमें न केवल अतीत की उपलब्धियों पर गर्व होना चाहिए, अपितु इस सेवा यात्रा को जारी रखने के लिए एक-दूसरे को प्रेरित भी करना चाहिए। एक समतामूलक और समावेशी समाज की स्थापना हम सभी का लक्ष्य होना चाहिए और हमारा आदर्श एक ऐसी समाज की स्थापना हो जहां समाज का आखिरी व्यक्ति भी सम्मान एवं गरिमा से अपना जीवन चला सके।

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