इस छठ, ना करना हठ!

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इस वर्ष उत्तर भारतीयों का सबसे बड़ा पर्व ‘छठ पूजा’ 20 नवंबर को मनाया जाएगा। कोरोना महामारी का असर अन्य त्योहारों की तरह इस पर भी पड़ा है। महाराष्ट्र सरकार ने अनुरोध किया है कि सुरक्षा के मद्देनजर श्रद्धालु इस बार छठ पूजा सादगी से मनाएं। राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने छठ ब्रतियों से सरकार के दिशानिर्देश पर अमल करने का अनुरोध किया है।

सरकार के दिशानिर्दश

  • कोरोना संक्रमण न फैले, इसलिए ब्रती तालाब, समुद्र और खाड़ी के पास भीड़ न लगाएं और घर में रहकर छठ पूजा मनाएं।
  • महानगरपालिका, जनप्रतिनिधि और स्वयंसेवी संगठन की मदद से कृत्रिम तालाब बनाएं। इसमें इस बात का ख्याल रखें कि कोरोना संक्रमण न फैले।
  •  किसी भी तरह के पांडाल न बनाएं और कोई धार्मिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित न करें।
  • पूजा के दौरान मास्क पहनें और सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करें। वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को कार्यक्रम में न शामिल करें।
  • पूजा स्थल पर सेनेटाइजर का इस्तेमाल करें और कोरोना संक्रमण से बचाव के दिशानिर्देश का सख्ती से पालन करें।

कोरोना महामारी को फैलने से रोकने के लिए मनपा प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन और स्थानीय प्रशासन के दिशानिर्देशों का पालन करें तथा उत्सव के दौरान अगर कोई नई सूचना दी जाती है तो उसपर भी अमल करें।

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इस वर्ष की छठ पूजा

वर्ष 2020 का छठ पर्व 18 नवंबर से प्रारंभ होकर 21 नवंबर तक चलेगा। 18 नवंबर को छठ पर्व का शुभारंभ नहाय खाय के साथ हुआ और 19 नवंबर को खरना मनाया गया। खरना के तहत गन्ने के रस की स्वादिष्ट खीर बनाई जाती है। इसके बाद 20 नवंबर की शाम को भक्त छठी मैया को अर्ध्य देने के लिए पानी में उतरेंगे। फिर 21 नवंबर की सुबह उगते सूर्य को अर्ध्य देकर व्रत का समापन किया जाएगा।

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