कोरोना के वैरिएंट बी.1.617 पर भारत के डब्ल्यूएचओ प्रतिनिधि डॉ. ऑफरिन ने किया ये दावा

भारत के विश्व स्वास्थ्य संगठन में प्रतिनिधि डॉ. रोडरिको एच ऑफरिन ने कहा है कि भारत में पाए गए जिस वैरिएंट को लेकर डब्ल्यूएचओ ने चिंता जताई है, उस पर कोरोना की दवाएं और वैक्सीन पूरी तरह प्रभावी हैं।

भारत के विश्व स्वास्थ्य संगठन में प्रतिनिधि डॉ. रोडरिको एच ऑफरिन ने डब्ल्यूएचओ की भारत में पाए गए कोरोना वैरिएंट B.1.617 को लेकर चिंता का जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि जिस वैरिएंट को लेकर डब्ल्यूएचओ ने चिंता जताई है, उस पर कोरोना की दवाएं और वैक्सीन पूरी तरह प्रभावी हैं। इसलिए इसे लेकर ज्यादा चिंता करने की जरुत नहीं है।

डब्ल्यूएचओ ने वैरिएंट को लेकर कही है ये बात
डब्लयूएचओ की मारिया वान कारखोवे ने कहा है कि भारत में पाए गए डबल म्यूटेंट यानी बी.1.617 वैरिएंट को हम विश्व स्तर पर चिंता के कारण के रुप में वर्गीकृत कर रहे हैं। इस बारे में ऐसी जानकारी प्राप्त हुई है, जिससे इसकी संक्रामकता का पता चलता है। यह काफी तेजी से संक्रमण फैला सकता है। बी.1.617 का करीबी वैरिएंट भारत में पिछले साल दिसंबर में पाया गया था। इससे पहले एक वैरिएंट अक्टूबर 2020 में भी पाया गया था। यह वैरिएंट अब तक कई देशों में फैल चुका है। तेजी से संक्रमण के कारण कई देशों ने भारत से आवाजाही सीमित या प्रतिबंधित कर दी है।

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डब्ल्यूएचओ की भूमिका संदेहास्पद
बता दें कि कोरोना के प्रादुर्भाव होने के समय से ही डब्ल्यूएचओ की भूमिका संदिग्ध रही है। उस पर चीन का पक्ष लेने का खुला आरोप लगता रहा है। जब दिसंबर 2019 में चीन के वुहान में इसके वायरस का पता चला था, उस समय डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस अदनोम चीन गए थे और उन्होंने दुनिया को आश्वस्त किया था, कि इसके वायरस पर नियंत्रण के लिए चीन से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक लगाने की कोई जरुरत नहीं है। उसके बाद यह चीनी वायरस दुनिया भर में तेजी से फैल गया था और उसका खमियाजा अभी तक पूरी दुनिया भुगत रही है।

66 देशों ने डब्ल्यूएचओ की भूमिका पर उठाए थे सवाल
इसे लेकर अमेरिका के साथ ही दुनिया के 66 देशों ने डब्ल्यूएचओ पर उंगली उठाई थी। फिलहाल जब ऑस्ट्रेलिया समेत विश्व भर के मीडिया में चीन के लैब में कोरोना वायरस को तैयार करने की खबरें प्रकाशित कर रही हैं, तब डब्ल्यूएचओ की मारिया जैसे अधिकारी भारत को बदनाम करने के लिए तरह-तरह के बयान दे रही हैं। इस तरह के बयान देकर वे दुनिया और मीडिया को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

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