पूर्व सरकार ने वीर सावरकर की रक्षा नीतियों पर किया होता अमल तो आज भारत होता विश्व महाशक्ति

अगर पिछली केंद्र सरकार ने स्वतंत्रता सेनानी सावरकर की रणनीतिक दृष्टि के अनुसार योजना बनाई होती, तो भारत अब तक विश्व महाशक्ति बन गया होता।

भारत के सूचना आयुक्त उदय माहुरकर ने दावा किया है कि अगर पिछली केंद्र सरकार ने स्वतंत्रता सेनानी सावरकर की रणनीतिक दृष्टि के अनुसार योजना बनाई होती, तो भारत अब तक विश्व महाशक्ति बन गया होता। उन्होंने कहा कि वीर सावरकर की सुरक्षा दृष्टि पर अमल करने पर अब तक हमारे सशस्त्र बलों के साथ ही छात्र भी पूरी तरह प्रशिक्षित होते और भारत अब तक महाशक्ति बन गया होता।

वीर सावरकर की सामरिक दृष्टि पर विस्तार से डाला प्रकाश
राजधानी नई दिल्ली में नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों और नौसेना के छात्रों को संबोधित करते हुए उदय माहुरकर ने वीर सावरकर की सामरिक दृष्टि पर विस्तार से प्रकाश डाला। नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल एस. एन. घोरमाड़े ने विशेष रूप से इस कार्यक्रम का आयोजन किया था। उनके निमंत्रण पर, उदय माहुरकर ने “वीर सावरकर की रणनीतिक दृष्टि” विषय पर नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों और नौसेना के छात्रों को संबोधित किया।

क्रातिकारी के साथ ही राष्ट्रवादी विचारक थे वीर सावरकर
इस अवसर पर उदय माहुरकर ने कहा कि हम स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर को एक क्रांतिकारी के रूप में ही जानते हैं। लेकिन वे एक राष्ट्रवादी विचारक थे। उन्होंने भारतीय राष्ट्रवाद का मूल सिद्धांत प्रस्तुत किया। मैंने 1996 से उनके विचारों का अध्ययन किया है। उन्होंने भारत की रणनीतिक और रक्षा नीति को मौलिक विचार दिया है। इसलिए भारत को अब उन्हें रक्षा और रणनीतिक नीति के जनक के रूप में देखना चाहिए।

मोदी सरकार की नीतियों को लेकर जताया संतोष
सूचना आयुक्त ने कहा कि सावरकर ने भारत की रक्षा नीति का गहन अध्ययन किया था। यही कारण है कि उन्होंने इस बारे में बहुत ही मौलिक महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उदय माहुरकर ने कहा कि अगर उस समय उन सुझावों पर ध्यान दिया गया होता, तो भारत अब तक एक विश्व महाशक्ति बन गया होता। माहुरकर ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि भारत ने अब वीर सावरकर की रणनीतिक दृष्टि और डिजाइन की गई रक्षा नीतियों को आत्मसात कर लिया है और उन पर अमल करना शुरू कर दिया है।

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