नौसेना उपप्रमुख बोले ऐसा रेस्क्यू नहीं देखा! बीच भंवर में 611 जान… रौद्र समंदर, फटा आसमान.. पढ़ें फिर क्या हुआ

ताउ ते के कारण जमीनीस्तर पर भले ही जनहानि को बड़े स्तर तक बचा लिया गया है लेकिन समुद्र की उफनती लहरों के बीच अब कई लोगों को ढूंढने और उनका बचाव कार्य चल रहा है।

‘ताउ ते’ तो चला गया लेकिन उसकी त्रासदी से अब लोग बाहर नहीं आ पाए हैं। सागर में नौसेना के चार युद्धक विमान अब भी बचाव कार्यों में लगे हुए हैं। ये सभी 611 लोगों में से उन लोगों को बचाने में लगे हैं जो अब तक समुद्र में फंसे हुए हैं या मिल ही नहीं पाए हैं।

नौसेना के उपप्रमुख मुरलीधर सदाशिव पवार ने कहा कि उन्होंने चार दशक में ऐसा कठिन खोजबीन और बचाव कार्य नहीं देखा। नौसेना के चार युद्धक जहाज इस कार्य में लगे हुए हैं। इसमें सबसे कठिन है एफकॉन्स बार्ज पी 305 का बचाव कार्य जो तट से 60 किलोमीटर दूर डूब गया है। उसे ढूंढना और उस पर सवार लोगों को खोजना और बचाना।

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नौसेना उपप्रमुख मुरलीधार सदाशिव पवार ने बताया कि,

युद्धक बेड़े मिसाइलें सहकर जवाबी कार्रवाई कर सकती हैं परंतु समु्द्र किसी को नहीं छोड़ता। वह एक अच्छा मित्र है और उतना ही बुरा शत्रु भी। हमारे युद्धक बेड़े ऐसी चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम हैं।

कोरोना से डरना नहीं प्राण बचाना प्राथमिकता
बचाव कार्यों में कोरोना संक्रमण के खतरे पर पूछे गए प्रश्न का उत्तर देते हुए नौसेना उपप्रमुख ने बताया कि कोविड नहीं हमारी प्राथमिकता है लोगों को समुद्र में बचाना। हमारे नौसैनिकों को कोविड टीके के दोनों डोज लगे हुए हैं।

611 कर्मी थे फंसे
तीन बार्ज और एक ऑइल रिग पर कुल 611 जिंदगियां फंसी हुई थीं।

यहां फंसे                                                       कुल फंसे             कुल अब तक बचाए
अकोमोडेशन बार्ज पी 305 पर                                     273 कर्मी             177
कार्गो बार्ज जीएएल कंस्ट्रक्टर पर                                  137 कर्मी             137
अकोमोडेशन बार्ज एसएस-3 पर                                   196 कर्मी              बचाव कार्य
सागर भूषण ऑइल रिग पर                                        101 कर्मी              बचाव कार्य

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